संजीव, सोनीपत। दिल्ली-पानीपत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट प्रणाली (आरआरटीएस) परियोजना को लेकर सोनीपत में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए कमर कस ली है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डिपो निर्माण के लिए गांव बड्डी और गांव पिपली खेड़ा में भूमि अधिग्रहण के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ तय समय में जरूरी औपचारिकताएं पूरी करें ताकि परियोजना में किसी भी प्रकार की देरी न हो।

लघु सचिवालय में हुई हाई-लेवल बैठक

सोनीपत के लघु सचिवालय में गुरुवार को नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आरआरटीएस प्रोजेक्ट से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य परियोजना के रास्ते में आ रही जमीनी बाधाओं को दूर करना और विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर बनाना था ताकि काम की रफ्तार को बढ़ाया जा सके।

डिपो और स्टेशनों के लिए जमीन की समीक्षा

बैठक के दौरान आरआरटीएस परियोजना के तहत बनने वाले प्रस्तावित डिपो, स्टेशन, रिसीविंग सब-स्टेशन और कास्टिंग यार्ड के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की गहराई से समीक्षा की गई। कमिश्नर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में मुख्यालय स्तर से जरूरी स्वीकृतियां तुरंत ली जाएं। उन्होंने कहा कि सभी कागजी औपचारिकताएं समय सीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय पर आगे बढ़ सके।

क्षेत्र के विकास और परिवहन के लिए जरूरी

आयुक्त हर्षित कुमार ने बैठक में कहा कि आरआरटीएस प्रोजेक्ट इस पूरे क्षेत्र के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे न केवल परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी बल्कि दिल्ली और पानीपत के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों का समय बचेगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से पालन करें और लंबित पड़े मामलों का तुरंत निपटारा सुनिश्चित करें ताकि विकास कार्यों में कोई रुकावट न आए।

बैठक में ये बड़े अधिकारी रहे मौजूद

इस अहम बैठक में प्रशासन और आरआरटीएस प्रोजेक्ट से जुड़े कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। इनमें एसडीएम सुभाष चंद्र, डीआरओ सुशील शर्मा, डीडीपीओ मनीष मलिक, एनसीआरटीसी के सीपीएम शैलेंद्र, एसई अश्विनी गुप्ता और एचएसवीपी के ईओ सिद्धार्थ सिंह प्रमुख रूप से शामिल थे। सभी अधिकारियों ने परियोजना को गति देने के लिए अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट पेश की और जल्द से जल्द काम पूरा करने का भरोसा दिया।