रायपुर। राजधानी से लगे मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात हुए 10 लाख रुपये की लूट का खुलासा हो गया है. पुलिस की जाँच में पता चला कि कंपनी का कर्मचारी दिनेश राव ही लूट का मास्टरमाइंड था.
पुलिस के अनुसार, मजदूरों के भुगतान के लिए ले जाई जा रही रकम की जानकारी मिलने के बाद आरोपी दिनेश राव की नियत बदल गई, जिसके बाद उसने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर लूट की पूरी साजिश तैयार कर ली. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 9.70 लाख रुपये नगद बरामद कर लिया है. साथ ही आरोपी के रिश्तेदार फरार आरोपी गौरव और पीयूष राव की तलाश तेज कर दी है.
इस पूरे लूट के मास्टरमाइंड दिनेश राव को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूछताछ की है. पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है. वहीं फरार आरोपियों गौरव और पीयूष राव की तलाश में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की है. देर सवेर आरोपी धरे जाएंगे.
कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड
FIR के मुताबिक, प्रार्थी अतुल अग्रवाल की कंस्ट्रक्शन कंपनी का कर्मचारी विद्यासागर डहरिया 16 जून की शाम 6:17 बजे समता कॉलोनी सेक्टर-26 नया रायपुर मजदूरों के भुगतान के लिए 10 लाख रुपये लेकर जा रहा था. सेरीखेड़ी के पास ओवरब्रिज के पास दो नकाबपोश बाइक सवारों ने चाकू की नोक पर बैग लूट लिया था.
महीने भर पहले रची थी साजिश
आरोपी ने बताया कि वह 2022 से कंपनी में काम कर रहा है और उसे नकदी लाने-ले जाने की पूरी जानकारी रहती थी. उसने बताया कि कंपनी मालिक पर बैंक का 20 लाख का कर्ज है. इसी का फायदा उठाकर उसने करीब 1 महीने पहले लूट की योजना बनाई.
पोहा पॉइंट पर बनाई बंटवारे की रणनीति
घटना वाले दिन उसने अपने भाई और उसके साथी को फोन कर बुलाया, विद्यासागर की पहचान कराई और उनका पीछा करवाया. पुलिस को जांच में पता चला कि लूट के बाद आरोपी नया रायपुर के एक पोहा पॉइंट पर मिले, यहां उन्होंने तय किया कि कुछ दिन तक शांत रहने के बाद रकम का बंटवारा किया जाएगा.
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