अभय मिश्रा, मऊगंज। एमपी के मऊगंज जिले के गठन के बाद पहली बार पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर पदोन्नति की कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक मऊगंज सुरेंद्र जैन के प्रयासों के बाद डीजीपी मुख्यालय भोपाल से प्राप्त अधिकारों के आधार पर जिले के 30 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक पद का कार्यवाहक प्रभार दिया गया है। यह निर्णय पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
मऊगंज जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार जिले में पदस्थ 30 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक के रिक्त पदों पर कार्यवाहक प्रभार सौंपा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और पात्रता परीक्षण के बाद की गई है। पदोन्नति प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को अगले आदेश तक उच्च पद पर कार्य करने का अधिकार प्रदान किया गया है।
जानकारी के अनुसार रीवा जिले से अलग होकर मऊगंज जिला बनने के बाद यह पहला अवसर है जब जिले को अपने स्तर पर आरक्षकों की पदोन्नति संबंधी प्रक्रिया संचालित करने का अधिकार मिला है। इसके लिए पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र जैन ने पुलिस महानिदेशक भोपाल को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि नवगठित जिले को भी पदोन्नति संबंधी अधिकार प्रदान किए जाएं, जिससे स्थानीय स्तर पर लंबित मामलों का निराकरण हो सके।
पुलिस मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद विभागीय नियमों के अनुसार पात्र आरक्षकों का परीक्षण किया गया और वरिष्ठता व पात्रता के आधार पर 30 आरक्षकों का चयन कर उन्हें प्रधान आरक्षक पद का कार्यवाहक प्रभार दिया गया। इस निर्णय से लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे पुलिसकर्मियों में खुशी का माहौल है।
पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है। पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिले, इसके लिए मुख्यालय से आवश्यक अधिकार प्राप्त किए गए हैं। आगे भी विभागीय नियमों के अनुसार पदोन्नति की प्रक्रिया जारी रहेगी।


