सतीश सिंह, लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) दोनों पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों, गरीबों और वंचित समाज के मुद्दों पर दोनों दल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं, जबकि बसपा सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के लिए लगातार संघर्ष करती रही है.

शनिवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए मायावती ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों के बावजूद दलितों, महिलाओं और कमजोर वर्गों पर अत्याचार की घटनाएं चिंता का विषय हैं. उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की.

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बसपा प्रमुख ने समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि उसके शासनकाल में दलितों और कमजोर वर्गों के हितों की अनदेखी की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अब दलितों के नाम पर राजनीति कर रही है, लेकिन उसके कार्यकाल का रिकॉर्ड इसके विपरीत रहा है.

मायावती ने कहा कि बसपा ने सत्ता में रहते हुए सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की नीति पर काम किया और दलितों, पिछड़ों, गरीबों और सभी वर्गों के विकास को प्राथमिकता दी. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता के बीच जाकर बसपा की नीतियों और कार्यों को मजबूती से रखें. मायावती ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी और जनता के सहयोग से बेहतर प्रदर्शन करेगी. उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक सक्रिय रहने का आह्वान किया.