मीडिया वेल-बीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबी) पत्रकारों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा देने वाली भारत की प्रथम संस्था बन गई है। संगठन द्वारा मीडिया कर्मियों को मुफ्त जीवन बीमा, कानूनी मदद और आधुनिक एआई ट्रेनिंग भी दी जा रही है।

अनिल शर्मा, अंबाला/चंडीगढ़। मीडिया वेल-बीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबी) आज देश में पत्रकार कल्याण का एक बेहद सशक्त और प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है। मीडिया कर्मियों और उनके सम्मानित परिवारों के लिए कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध करवाने वाली यह समूचे देश की पहली संस्था बन चुकी है। पत्रकारों की सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में इस संगठन द्वारा किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। एमडब्ल्यूबी के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए संस्थापक सदस्यों को परिवार सहित कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस प्रदान किया गया है। भविष्य में इस विशेष सुविधा का दायरा और अधिक विस्तारित किया जाएगा। संस्था के कार्यक्रमों में प्रतिवर्ष 75 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले सदस्यों को यह सुविधा मिलती रहेगी।

सैकड़ों पत्रकारों को मिला बीमा लाभ

संगठन पिछले पांच वर्षों से पत्रकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में हरियाणा सहित विभिन्न क्षेत्रों के सैकड़ों पत्रकारों को 10-10 लाख रुपये की टर्म इंश्योरेंस तथा 10-10 लाख रुपये की एक्सीडेंटल इंश्योरेंस पॉलिसी निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। टर्म इंश्योरेंस असामयिक मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहारा प्रदान करती है, जबकि एक्सीडेंटल पॉलिसी दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा कवच का कार्य करती है। धरणी ने कहा कि पत्रकारिता आज एक चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा पेशा बन चुकी है। कई बार पत्रकारों को दुर्गम क्षेत्रों, आपदा प्रभावित इलाकों और संवेदनशील परिस्थितियों में कार्य करना पड़ता है। ऐसे में पत्रकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद अनिवार्य है।

कैमरामैन साथियों के लिए विशेष पहल

एमडब्ल्यूबी ने इसी सोच के साथ हजारों पत्रकारों को विभिन्न सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया है। चंडीगढ़ में पहली बार किसी संस्था द्वारा कैमरामैन के रूप में कार्यरत पत्रकारों को भी दस-दस लाख रुपये की एक्सीडेंटल इंश्योरेंस पॉलिसी उपलब्ध करवाई जा रही है। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए कैमरामैन समिति का संयोजक वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह को बनाया गया है। एमडब्ल्यूबी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पत्रकारों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के सदस्यता, कैशलेस मेडिकल सुविधा, टर्म इंश्योरेंस और एक्सीडेंटल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है। यही कारण है कि संगठन उत्तर भारत में पत्रकारों के हितों के लिए कार्य करने वाला एक सबसे प्रभावशाली मंच बनकर उभरा है।

दिग्गज राजनेताओं ने की मुक्तकंठ सराहना

संस्था के गठन से लेकर उसके विस्तार तक केंद्रीय मंत्री एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा हरियाणा सरकार के वरिष्ठ मंत्री अनिल विज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। चंद्रशेखर धरणी ने दोनों नेताओं को संगठन की “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग ने संगठन को एक छोटे पौधे से विशाल वटवृक्ष में परिवर्तित करने का कार्य किया है। धरणी ने बताया कि हाल ही में अनिल विज ने पत्रकारों के लिए कैशलेस मेडिकल पॉलिसी को साकार करने में अभूतपूर्व सहयोग दिया। वहीं मनोहर लाल ने भी संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा था कि “मीडिया वेल-बीइंग संगठन जैसा नाम, वैसा ही काम कर रहा है।”

एआई ट्रेनिंग और मजबूत लीगल सेल

संस्था के मंच पर पूर्व मंत्री कंवर पाल गुर्जर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, पूर्व मंत्री मूलचंद शर्मा, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, मंत्री विपुल गोयल तथा मंत्री कृष्ण बेदी सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि संगठन के कार्यों की खुलकर सराहना कर चुके हैं। पत्रकारों को आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से एमडब्ल्यूबी ने हाल ही में पत्रकारों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया है। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण द्वारा इस पहल का शुभारंभ किया गया। धरणी ने बताया कि जल्द ही हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में विशेष एआई प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह पहल अनिल विज के सुझाव पर शुरू की गई है।

उत्तर भारत में बढ़ा संगठन का कुनबा

पत्रकार हितों की रक्षा के लिए संगठन ने मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराने हेतु एक मजबूत लीगल सेल का गठन भी किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कौशिक को लीगल सेल का चेयरमैन बनाया गया है, जबकि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता तथा हरियाणा सरकार के पूर्व डिप्टी एडवोकेट जनरल सतीश सिरोही को उत्तर भारत का कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया है। संस्था से जुड़े पत्रकारों को आवश्यकता पड़ने पर कानूनी परामर्श और सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। उत्तर भारत में संगठन का विस्तार लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली इकाई के अध्यक्ष संजीव शर्मा, चंडीगढ़ के अध्यक्ष संजीव महाजन, पंजाब के अध्यक्ष सुमित खन्ना, हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष विशाल सूद तथा जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष मीर आफताब अपने-अपने राज्यों में संगठन को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं।

सक्षम टीम के हाथों में है कमान

उत्तर भारत स्तर पर संगठन का नेतृत्व अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी कर रहे हैं। उनके साथ महासचिव सुरेंद्र मेहता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश उप्पल, संजय भूटानी, भुवनेश झंडई और डॉ. अनिल दत्ता सक्रिय रूप से संगठन को आगे बढ़ा रहे हैं। संस्था के कोषाध्यक्ष तरुण कपूर तथा संगठन सचिव मेवा सिंह राणा संगठनात्मक गतिविधियों का सफल संचालन कर रहे हैं। वहीं मीडिया एवं प्रचार विभाग में पवन चोपड़ा, दीपक मिगलानी और सुनील सरदाना सहित अनेक पदाधिकारी संगठन की योजनाओं को पत्रकारों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। स्वास्थ्य सुरक्षा, जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा, कानूनी सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण और पत्रकार कल्याण की अनेक योजनाओं के माध्यम से एमडब्ल्यूबी ने यह साबित किया है कि संकल्प मजबूत हो तो सामाजिक सुरक्षा तंत्र तैयार किया जा सकता है।