भोपाल। नामांकन दाखिल करने के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस ने पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन कल राजधानी भोपाल में अपना नामांकन दाखिल करने जा रही है। इस दौरान कांग्रेस हाईकमान और प्रदेश नेतृत्व मिलकर एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में है। जिसे लेकर सभी विधायकों को कड़े और विशेष निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
ये भी पढ़ें : ‘ईंट का जवाब पत्थर से’, राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर सियासत, जीतू पटवारी ने बीजेपी को दी खुली चेतावनी
कांग्रेस दफ्तर से विधानसभा तक मार्च
मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने इस नामांकन प्रक्रिया को एक बड़े सियासी इवेंट में बदलने का प्लान बनाया है। सुबह 10:30 बजे मध्य प्रदेश के सभी कांग्रेस विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को अनिवार्य रूप से भोपाल स्थित मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी दफ्तर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस दफ्तर में सभी नेता और विधायक एकत्रित होंगे। जहां से वे एकजुटता का संदेश देते हुए एक साथ विधानसभा के लिए रवाना होंगे। सुबह 11:00 बजे मीनाक्षी नटराजन अपने तमाम विधायकों और शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा सीट के लिए अपना आधिकारिक नामांकन पत्र दाखिल करेंगी।
विधायकों को फरमान- ‘नो ढिलाई, शक्ति प्रदर्शन में मौजूदगी जरूरी’
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस नामांकन के जरिए कांग्रेस मध्य प्रदेश में विपक्ष की मजबूती और विधायकों की एकजुटता का संदेश देना चाहती है। हालिया सियासी हलचलों और उठापटक की खबरों के बीच कांग्रेस का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। विधायकों को साफ निर्देश हैं कि कल सुबह तय समय पर कांग्रेस दफ्तर पहुंचना अनिवार्य है, ताकि भाजपा के सामने विपक्ष की एकजुटता को पुरजोर तरीके से दिखाया जा सके।
मीनाक्षी नटराजन के पास अपार अनुभव
मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस की वरिष्ठ नेता है और उनके पास अपार अनुभव मौजूद है। उन्होंने छात्र राजनीति से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। वह पहले NSUI से जुड़ी और भारतीय युवा कांग्रेस में सक्रिय भूमिका निभाई। वह NSUI की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस की अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी है।
कांग्रेस के दिग्गज राहुल की करीबी
मीनाक्षी नटराजन को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। पार्टी संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें कई राष्ट्रीय जिम्मेदारियां मिली। फरवरी 2025 में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्हें तेलंगाना के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का प्रभारी नियुक्त किया।
मीनाक्षी नटराजन ने साल 2009 में कांग्रेस के टिकट पर मंदसौर से लोकसभा चुनाव जीता था। इसके बाद उन्होंने साल 2014 और 2019 में ही चुनाव लड़ा लेकिन तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
नाम पर मुहर के साथ उठी थी असंतोष की लहर
18 जून 2026 को होने वाले इस चुनाव के लिए कांग्रेस ने जैसे ही राहुल गांधी की सबसे भरोसेमंद और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन पर मुहर लगाई वैसे ही मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर असंतोष का धुंआ उठता दिखाई दिया। कई नेताओं ने इस फैसले को बड़ी भूल करार दे दिया था। उनका मानना था कि दिग्विजय सिंह को दोबारा राज्यसभा भेजा जाता तो यह सीट पूरी तरह सुरक्षित रहती।
तीसरी सीट को लेकर सियासी पारा हाई
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा गरम है। तीसरी सीट पर मुकाबले की बढ़ती आशंकाओं के बीच बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने एक बड़ा कदम उठाया है। भाजपा ने अपने सभी विधायकों को सोमवार तक भोपाल में ही रुकने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्री और मुख्य सचेतक कैलाश विजयवर्गीय के तीसरी सीट को लेकर दिए गए संकेतों के बाद अब यह साफ हो गया है कि बीजेपी तीसरी सीट पर कब्ज़ा जमाने के लिए पूरा जोर लगाने की तैयारी में है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी अपने खेमे को एकजुट रखने में जुटी है।
सीटों का गणित लगभग तय: बीजेपी की 2 और कांग्रेस की 1 सीट
विधानसभा में विधायकों की संख्या बल के हिसाब से राज्य की 3 सीटों का समीकरण पूरी तरह साफ है। इसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में 2 सीटें और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के पाले में 1 सीट जाना लगभग तय माना जा रहा है। अब दोनों ही खेमों में केवल अंतिम चेहरों की घोषणा का इंतजार है।
ये भी पढ़ें : MP में तीसरी सीट को लेकर घमासानः बीजेपी ने सभी विधायकों को भोपाल में रोका, इधर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 59 MLA हुए शामिल
जीत के लिए कितने विधायक चाहिए ?
मध्य प्रदेश में विधानसभा में कुल 230 सीट हैं। जिसमें बीजेपी के पास 164 सीट तो वहीं कांग्रेस 64 सीट पर काबिज है। भारत आदिवासी पार्टी के पास एक सीट है, जबकि एक सीट रिक्त है। आपको बता दें कि राज्यसभा की एक सीट पर जीत के लिए 58 वोट की जरूरत होती है। भारतीय जनता द्वारा दो सीटों पर जीत के बाद केवल 48 सीटें बचेंगी। कांग्रेस के पास 64 सीट हैं।

