सतीश सिंह, लखनऊ. मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड (Lalita Gautam Murder Case Meerut) को लेकर सड़क पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया लाठी चार्ज के बाद भीम आर्मी के संस्थापक और नगीना से सांसद चंद्रशेखर रावण के मेरठ जाने के एलान पर बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने दलितों, पिछड़े और अन्य उपेक्षित वर्गों से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बताए संवैधानिक और लोकतांत्रिक मार्ग पर चलने की अपील की है. उन्होंने कहा कि समाज को किसी भी उकसावे में आकर कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए, बल्कि अपने अधिकारों की लड़ाई कानूनी और शांतिपूर्ण तरीके से लड़नी चाहिए.
शुक्रवार को लखनऊ में मीडिया को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने दलितों और वंचित समाज को संवैधानिक अधिकार दिलाने के साथ यह भी संदेश दिया था कि न्याय के लिए अदालतों का सहारा लिया जाए. यदि निचली अदालत से न्याय न मिले तो सर्वोच्च न्यायालय तक जाना चाहिए, लेकिन हिंसा, हंगामा और सड़क पर उतरकर आंदोलन करना उचित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन और राजनीतिक दल अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए पीड़ित समाज को भड़काकर हिंसक प्रदर्शन और सड़क जाम जैसी घटनाएं कराते हैं.
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मायावती ने कहा कि बाद में उनके नेता घटनास्थल पर पहुंचकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करते हैं, जबकि इससे पीड़ितों की समस्याएं और बढ़ जाती हैं. बीएसपी प्रमुख ने कहा कि समाज की वास्तविक ताकत उसकी एकजुटता और वोट है. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलते हुए वोट की ताकत से राजनीतिक सत्ता की “मास्टर चाबी” हासिल करना ही सभी समस्याओं का स्थायी समाधान है. उन्होंने कहा कि बीएसपी इसी उद्देश्य के लिए लगातार संघर्ष कर रही है.
मायावती ने आगामी विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए लोगों से अपील की कि वे चुनाव के समय भड़काने और गुमराह करने वाली ताकतों से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में समाज को पूना पैक्ट और तथागत गौतम बुद्ध के उपदेशों से भी सीख लेते हुए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।

