NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले केंद्र सरकार की ओर से मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट आज इस मामले पर सुनवाई करेगा। केंद्र सरकार ने 21 जून को होने वाली NEET UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम ऐप पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला लिया था। यह कदम NEET पेपर लीक से जुड़ी घटनाओं को रोकने और परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। याचिका में टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती दी गई है।
NEET UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम ऐप पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर अब खुद मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने अदालत का रुख किया है। प्रतिबंध के फैसले को चुनौती देते हुए टेलीग्राम की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। बुधवार को टेलीग्राम की ओर से यह मामला तेजस करिया के समक्ष पेश किया गया। न्यायमूर्ति तेजस करिया ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। इस मामले पर बुधवार को ही कोर्ट में सुनवाई होगी।
सरकार के निर्देश पर Google Play Store से हटाया गया ऐप
सरकार के निर्देश के बाद Google ने अपने Google Play Store से टेलीग्राम ऐप को हटा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, Apple भी जल्द इस आदेश का पालन कर सकती है। इस बीच पावेल दुरोव ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रतिबंध को अनुचित बताते हुए कहा कि केवल टेलीग्राम पर रोक लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, क्योंकि अपराधी दूसरे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं।
15 करोड़ यूजर्स पर यह रोक असर
दुरोव ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत में टेलीग्राम के करीब 15 करोड़ यूजर्स इस रोक से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रतिबंध लगाने से समस्या खत्म नहीं होगी, क्योंकि गलत काम करने वाले लोग दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी एक ऐप पर कार्रवाई करने के बजाय समस्या के मूल कारणों और जिम्मेदार लोगों पर ध्यान देना जरूरी है। उनके मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई से गतिविधियां केवल दूसरे प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित हो सकती हैं।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से आयोजित NEET-UG की पुनर्परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है। परीक्षा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का निर्देश दिया है। यह आदेश इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत जारी किया है। इस प्रावधान के तहत सरकार को सार्वजनिक हित और सुरक्षा कारणों से ऑनलाइन सामग्री या प्लेटफॉर्म तक पहुंच को सीमित करने का अधिकार है।
‘यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं‘
NTA के महानिदेशक Abhishek Singh ने कहा है कि यह कदम परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। एजेंसी का लक्ष्य छात्रों को सुरक्षित और भरोसेमंद परीक्षा माहौल उपलब्ध कराना है। सूत्रों के अनुसार, सरकार टेलीग्राम के साथ इस बात पर भी चर्चा कर रही है कि ऐप के मैसेज एडिट करने के फीचर को अस्थायी रूप से सीमित किया जाए। इसका उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी गलत सूचनाओं और फर्जी पेपर लीक सामग्री के प्रसार को रोकना बताया जा रहा है। हालांकि, डिजिटल अधिकारों से जुड़े संगठनों ने इस कदम पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि किसी पूरे प्लेटफॉर्म पर रोक लगाना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है और इससे बड़ी संख्या में सामान्य उपयोगकर्ता भी प्रभावित होते हैं।
पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई परीक्षा रद्द हुई
NEET-UG परीक्षा को लेकर विवाद उस समय शुरू हुआ जब 3 मई 2026 को देशभर में आयोजित परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले पेपर मिलने के आरोप सामने आए। शिकायतों और शुरुआती जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने का फैसला लिया गया। री-एग्जाम का उद्देश्य प्रभावित अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर देना और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है। इसी क्रम में परीक्षा की सुरक्षा को लेकर कई कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें प्रश्नपत्रों की सुरक्षित व्यवस्था, निगरानी बढ़ाना और डिजिटल माध्यमों पर संभावित गड़बड़ियों को रोकने के प्रयास शामिल हैं।
NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल शिक्षा के क्षेत्र में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत वर्ष 2013 में की गई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल संस्थानों में विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। NEET के जरिए छात्रों को मुख्य रूप से इन कोर्सेज में दाखिला मिलता है MBBS (बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी) BDS (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) आयुष पाठ्यक्रम, जैसे BAMS और BHMS ,नर्सिंग से जुड़े पाठ्यक्रम NEET के माध्यम से देश के कई प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश मिलता है, जिनमें All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) और Jawaharlal Institute of Postgraduate Medical Education and Research (JIPMER) जैसे संस्थान भी शामिल हैं।
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