हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कैथल में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत की। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, एमएसपी, भावांतर भरपाई योजना और प्राकृतिक खेती को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता जताई।
राकेश कथूरिया, कैथल। हरियाणा सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी तथा मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण, किसानों की आय बढ़ाने तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार गंभीर
मंत्री श्याम सिंह राणा बुधवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार हमेशा गंभीर और संवेदनशील है। वीटा को दूध बेचने वाली डेयरी व्यवसाय से जुड़ी महिलाओं को 10 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की सरकार की घोषणा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अच्छा कदम है। इससे गांवों में डेयरी व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी, महिलाओं का कार्य आसान होगा और परिवार की आय बढ़ेगी।
एमएसपी और भावांतर भरपाई योजना
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रमुख फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदती है। यदि किसी फसल की एमएसपी से कम कीमत मिलती है तो भावांतर भरपाई योजना के माध्यम से किसानों को राहत प्रदान की जाती है।
प्राकृतिक खेती और बीमारियों पर कदम
प्राकृतिक खेती पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सभी किसानों को कुछ क्षेत्रों में प्राकृतिक खेती करनी चाहिए, क्योंकि इसमें लागत कम आती है। देसी गाय के गोबर व मूत्र से अच्छा खाद बनाया जा सकता है। एक गाय के एक ग्राम गोबर में 300 करोड़ लाभकारी बैक्टीरिया होते हैं।
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि धान में आई बौना पौधा बीमारी को लेकर सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


