पटना। शहर के फुलवारीशरीफ इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां दिल्ली की एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी को 10 दिनों तक बंधक बनाकर रखने और प्रताड़ित करने का गंभीर मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता किसी तरह चंगुल से छूटने में कामयाब रही और पुलिस की मदद से सुरक्षित अपने परिजनों तक पहुंच सकी।
प्रेम जाल में फंसाकर लाई गई पटना
पुलिस के अनुसार मामला तब शुरू हुआ जब किशोरी अपनी एक सहेली के माध्यम से एक युवक के संपर्क में आई। इस संपर्क के बाद लड़के के पिता ने किशोरी को नौकरी दिलाने और उससे शादी करने का झांसा दिया। इसी बहकावे में आकर 19 जून को वह उनके साथ पटना आ गई। पटना पहुंचते ही उसका सामना हकीकत से हुआ। उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया और वहां उसे शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। आरोप है कि उसे भूखा रखा गया और उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की गई।
खिड़की से मांगी मदद, डायल 112 ने बचाया
लगभग 10 दिनों तक नरक जैसी जिंदगी जीने के बाद किशोरी ने हिम्मत नहीं हारी। बुधवार को जब उसे मौका मिला तो उसने कमरे की खिड़की से बाहर झांककर पड़ोस में रहने वाली एक महिला से मदद की गुहार लगाई। उस महिला ने उसे कमरे से बाहर निकलने का रास्ता दिखाया। अपनी जान बचाकर वह किसी तरह फुलवारीशरीफ-खगौल मार्ग तक पहुंची। वहां गश्त कर रही डायल 112 की टीम ने उसे बदहवास हालत में देखा और तुरंत सुरक्षित थाना ले आई।
दिल्ली पुलिस करेगी आगे की जांच
किशोरी के लापता होने की रिपोर्ट पहले ही दिल्ली के संबंधित थाने में दर्ज थी। फुलवारीशरीफ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस और परिजनों को सूचित किया। गुरुवार शाम परिजन पटना पहुंचे। सिटी एसपी (पश्चिम) संकेत कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चूंकि मुख्य मामला दिल्ली में दर्ज है इसलिए आगे की विस्तृत जांच दिल्ली पुलिस करेगी। फिलहाल पीड़िता को उसके परिजनों के सुपुर्द करने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।

