शिवम मिश्रा, रायपुर। रायपुर रेल मंडल के भिलाई स्थित चरोदा पीपी यार्ड में रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। CBI ने ट्रैप कार्रवाई के दौरान रेलवे अधिकारी अनमोल उइके और दीपक वर्मा को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। वहीं आज दोनों आरोपियों को CBI कोर्ट में पेश किया गया, जहां विशेष अदालत ने उन्हें 4 दिनों की CBI रिमांड पर सौंप दिया। अब CBI दोनों से पूछताछ करेगी और मामले में कई बड़े खुलासे होने की आशंका जताई जा रही है।


जानकारी के अनुसार, दीपक वर्मा इस मामले में मध्यस्थ (बिचौलिये) की भूमिका निभा रहा था। बताया जा रहा है कि 86 लाख रुपये के बिल को पास कराने के एवज में 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
CBI ने कैसे की कार्रवाई
यह कार्रवाई गुरुवार शाम दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल अंतर्गत भिलाई स्थित वैगन मेंटेनेंस के प्रमुख पीपी (पद्मनाभपुर) यार्ड में की गई। CBI की टीम ने वहां अचानक दबिश दी थी।
जानकारी के मुताबिक, एक ठेकेदार ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारी द्वारा 86 लाख रुपये के बिल को पास कराने के बदले में 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इसकी शिकायत के बाद नई दिल्ली से CBI की विशेष टीम निजी वाहनों से भिलाई पहुंची। देर रात तक CBI के 10 से 12 अधिकारियों की टीम सीनियर DME अनमोल उइके के चेंबर में दस्तावेजों की जांच और पूछताछ करती रही। स्थानीय स्तर पर जांच में सहयोग के लिए रायपुर और दुर्ग की टीमों को भी लगाया गया।
CBI अब जब्त दस्तावेजों, बिल भुगतान प्रक्रिया और अन्य संभावित लेन-देन की जांच कर रही है। मामले में पूछताछ के बाद कई बड़े खुलासे होने की आशंका है।
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