चंडीगढ़/करनाल। देश में आसमान छूती पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बीच हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने फिजूलखर्ची रोकने के लिए एक बेहद बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर अब प्रदेश की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर साफ दिखने लगा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी खर्च में कटौती करने के लिए मंत्रियों और अफसरों के दौरों और बैठकों के नियम पूरी तरह बदल दिए हैं। अब हरियाणा में ज्यादातर सरकारी बैठकें आमने-सामने (फिजिकली) होने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएंगी।

अब सरकार ने इस खर्च को तत्काल प्रभाव से घटाकर आधा करने का लक्ष्य रखा है। सरकार का प्लान है कि इस नई व्यवस्था से हर साल करीब ₹2.75 करोड़ की सीधी बचत की जाए। इसके लिए सभी सरकारी विभागों को वाहनों का सीमित इस्तेमाल करने के सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

सीएम ने खुद पेश की मिसाल, काफिले से हटाईं आधी गाड़ियां

इस मुहिम को अमलीजामा पहनाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले अपने ऊपर ही कैंची चलाई है। उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या 8 से घटाकर केवल 4 कर दी है। सीएम सैनी ने कड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि आगामी आदेश तक उनके साथ सिर्फ बेहद जरूरी सुरक्षा वाहन ही चलेंगे।

इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने संकल्प लिया है कि वे सप्ताह में एक दिन किसी भी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करेंगे और जरूरत पड़ने पर साइकिल से सचिवालय जाएंगे। उन्होंने आम जनता और अधिकारियों से भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील की है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल $100 के पार, इसलिए बढ़ी कीमतें

दरअसल, देश में तेल की कीमतें बढ़ने की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के दामों में आया तगड़ा उछाल है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण जो कच्चा तेल पहले 70 डॉलर प्रति बैरल था, वह अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। तेल कंपनियों पर बढ़ते इसी घाटे के दबाव के कारण पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने पड़े हैं। अगर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रही, तो आने वाले दिनों में कीमतें और भी बढ़ सकती हैं।

कार पूलिंग पर रहेगा जोर, मुख्य सचिव ने जारी किए निर्देश

इस बीच प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से दफ्तर आने-जाने के लिए ‘कार-पूलिंग’ या इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है। सरकार के साथ-साथ संगठन स्तर पर भी बदलाव शुरू हो गया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने साफ कर दिया है कि अब पार्टी की भी ज्यादातर संगठनात्मक बैठकें वर्चुअल या ऑडियो-वीडियो कॉल के जरिए ही निपटााई जाएंगी।