विधायक पूजा चौधरी ने मानसून से पहले मुलाना क्षेत्र की प्रमुख नदियों के सफाई कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने काम की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी जताते हुए सरकार से युद्ध स्तर पर काम पूरा करने की मांग की।

अनिल शर्मा,अंबाला। मानसून सीजन बेहद नजदीक आ चुका है, लेकिन मुलाना क्षेत्र की नदियों और नालों की सफाई का कार्य अभी तक संतोषजनक गति से नहीं हो पाया है। बेगना नदी पर तो अभी तक खुदाई का कार्य शुरू ही नहीं हुआ है, जबकि टांगरी और मारकंडा नदियों में भी खुदाई का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। इससे स्थानीय किसानों और आम जनता में संभावित जलभराव एवं बाढ़ की गंभीर आशंका को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। यह बात मुलाना की विधायक पूजा चौधरी ने बुधवार को मुलाना विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली टांगरी, बेगना और मारकंडा नदियों में चल रहे सफाई एवं खुदाई कार्य का निरीक्षण करने के दौरान कही।

नदियों की धीमी सफाई से बढ़ी चिंता

विधायक पूजा चौधरी ने निरीक्षण के दौरान कहा कि हर वर्ष बरसात के मौसम में क्षेत्र के कई गांवों और कस्बों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद सरकार और संबंधित विभाग नदियों की सफाई, गाद निकालने तथा तटबंधों को मजबूत करने के कार्य को अपेक्षित गंभीरता से नहीं कर रहे हैं। वर्तमान में कई स्थानों पर नदियां और नाले अब भी गाद, झाड़ियों और कचरे से पूरी तरह अटे पड़े हैं, जिससे बरसात के दौरान पानी की सुचारू निकासी बाधित होने का एक बड़ा खतरा बना हुआ है।

किसानों को भारी नुकसान होने का खतरा

उन्होंने आगे कहा कि यदि समय रहते नदियों की सफाई और गहरीकरण का कार्य पूरा नहीं किया गया, तो किसानों की फसलों, पशुधन और आम नागरिकों की संपत्ति को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। सरकार को चाहिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी नदियों, नालों और ड्रेनों की व्यापक स्तर पर सफाई सुनिश्चित की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए। विधायक पूजा चौधरी ने मांग की कि संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए जाएं और कार्य की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि मानसून के दौरान लोगों को बाढ़ जैसी समस्याओं से बचाया जा सके।