नीरज काकोटिया, बालाघाट। एमपी के बालाघाट जिले से एफसीआई गोदाम से छिंदवाड़ा एथेनॉल प्लांट को सप्लाई हुए शासकीय चावल बाहर के बाहर मिलरों के यहां खपाए जाने का मामला सुर्खियों में है। वहीं कांग्रेस के दो विधायकों ने वारासिवनी क्षेत्र की दो प्रमुख इथेनॉल प्लांटों ‘जैक्सन बासीगांव’ और ‘विसाग बायो फ्यूल खापा’ का औचक निरीक्षण किया। 

बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे और वारासिवनी विधायक विवेक विक्की पटेल का यह निरीक्षण तब हुआ जब कांग्रेस प्रदेशाधक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने निर्देश दिया। हालांकि विधायकों ने इन दोनों प्लांट में चांवल सप्लाई की अनियमितता हुई या नहीं को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है और कहा कि एसआईटी जांच हो रही है। जिसकी रिपोर्ट आने पर वे कुछ अवश्य कहेंगे। लेकिन एथेनॉल प्लांटों में स्थानीय रोजगार, जल संरक्षण और पर्यावरण मानकों की अनदेखी होने का आरोप जरूर लगाया गया है।

निरीक्षण के संबन्ध में विधायक अनुभा मुंजारे ने गंभीर आरोप लगाया कि इन प्लांटों में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अपेक्षित अवसर नहीं मिल रहे हैं। इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश, बिहार और गोंदिया के श्रमिकों को बड़ी संख्या में काम पर रखा गया है। वहीं प्लांटों में प्रतिदिन होने वाले जल उपयोग, उसके स्रोत और जल संरक्षण के उपायों की जानकारी मांगी। साथ ही वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था पर भी जवाब तलब किया गया लेकिन वहां के मैनेजर के द्वारा किसी भी सवाल का जवाब संतोषप्रद नही दिया गया। विधायक अनुभा मुंजारे ने बताया कि प्लांट में निरीक्षण को लेकर जिले के सभी चारों कांग्रेस विधायक एक रिपोर्ट तैयार कर आगामी कांग्रेस विधायक दल की बैठक मे प्रदेशाधक्ष और नेता प्रतिपक्ष को प्रस्तुत करेंगे।

वहीं विधायक विवेक विक्की पटेल ने जोर देकर कहा कि औद्योगिक विकास आवश्यक है, लेकिन इसके लिए पर्यावरण और श्रम कानूनों की बलि नहीं दी जा सकती। उद्योगों को अपने सामाजिक दायित्वों का पूरी पारदर्शिता के साथ पालन करना होगा।इस निरीक्षण के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि वे अपनी जांच के आधार पर एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर जल्द ही प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को सौंपेंगे।

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