राकेश कथूरिया , कैथल. बाढ़ जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। हरियाणा सरकार के निर्देश पर 14 मई को जिले में दो स्थानों पर बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों को परखा जाएगा।

डीसी अपराजिता ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और आपदा के समय त्वरित कार्रवाई की क्षमता को मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए।
प्रशासन की ओर से कमेटी चौक स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और लघु सचिवालय स्थित सरल केंद्र को मॉक ड्रिल के मुख्य स्थल बनाया गया है। सुबह 9 बजे से अभ्यास शुरू होगा। एडीसी डॉ. सुशील कुमार को इस पूरे मॉक ड्रिल का ओवरऑल इंचार्ज बनाया गया है।
डीसी अपराजिता ने बताया कि लघु सचिवालय के वीसी रूम में अस्थायी जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर बनाया जाएगा। यहीं से वरिष्ठ अधिकारी पूरी गतिविधियों पर नजर रखेंगे। बैठक में विभिन्न विभागों की भूमिका, संसाधन और आपसी समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि मानसून से पहले इस तरह की मॉक ड्रिल बेहद जरूरी होती हैं। इससे आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलती है। प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर भी बनाए जाएंगे।
मॉक ड्रिल में आपदा मित्र, रेडक्रॉस स्वयंसेवक, एनसीसी, एनएसएस, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, नेहरू युवा केंद्र और सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया जाएगा। सभी विभागों को अपने संसाधनों की सूची अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीसी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यह केवल अभ्यास है। किसी भी तरह की अफवाह या घबराहट की जरूरत नहीं है। विद्यार्थियों और नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता रहेगी।

