Business Desk – केंद्र सरकार देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC (Life Insurance Corporation of India) में अपनी 6.5 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। यह बिक्री Offer for Sale (OFS) के जरिए होगी। सरकार ने इसके लिए 382 रुपए प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है।

इस हिस्सेदारी बिक्री का मुख्य उद्देश्य SEBI के Minimum Public Shareholding (MPS) नियमों का तय समय से पहले पालन करना है। अगर सरकार पूरी 6.5 फीसदी हिस्सेदारी बेच देती है, तो उसे करीब 31,410 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है।

कुल 41.11 करोड़ शेयर बेच सकती है सरकार

LIC की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, OFS की शुरुआत 2 फीसदी हिस्सेदारी की बेस सेल से होगी। इसके तहत वित्त मंत्रालय के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति 12.65 करोड़ शेयर बेचेंगे।

सरकार के पास अतिरिक्त 4.5 फीसदी हिस्सेदारी, यानी 28.46 करोड़ शेयर बेचने का भी विकल्प रहेगा। यदि इस विकल्प का पूरा इस्तेमाल किया जाता है, तो कुल बिक्री बढ़कर 41.11 करोड़ शेयर, यानी 6.5 फीसदी हिस्सेदारी तक पहुंच जाएगी।

हिस्सेदारी क्यों बेच रही है सरकार?

इस OFS का सबसे बड़ा उद्देश्य LIC को SEBI के Minimum Public Shareholding (MPS) नियमों के अनुरूप लाना है।

वर्तमान में LIC में आम निवेशकों (Public Shareholding) की हिस्सेदारी करीब 3.5 फीसदी है। यदि सरकार पूरी 6.5 फीसदी हिस्सेदारी बेच देती है, तो यह बढ़कर 10 फीसदी हो जाएगी। इससे कंपनी मई 2027 की तय समय-सीमा से पहले नियामकीय शर्त पूरी कर लेगी।

DIPAM (Department of Investment and Public Asset Management) के सचिव अरुणिष चावला ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह OFS समय से पहले MPS लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगा।

IPO के बाद पहली बार हिस्सेदारी बेच रही सरकार

LIC का IPO मई 2022 में आया था। उस समय सरकार ने कंपनी की 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर देश का सबसे बड़ा IPO लॉन्च किया था। अब लिस्टिंग के बाद यह पहला मौका है, जब सरकार LIC में अपनी अतिरिक्त हिस्सेदारी बेच रही है।

कब खुलेगा OFS?

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, 4 अगस्त को OFS संस्थागत (Non-Retail) निवेशकों के लिए खुल गया है। वहीं 5 अगस्त को रिटेल निवेशक और पात्र कर्मचारी इसमें बोली लगा सकेंगे। SEBI के नियमों के मुताबिक, पहले दिन जिन संस्थागत निवेशकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, वे दूसरे दिन अपनी बोली जारी रख सकते हैं या उसमें बदलाव कर सकते हैं।

फ्लोर प्राइस बाजार भाव से कितना कम?

सरकार ने OFS के लिए 382 रुपए प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। सोमवार को LIC का शेयर 0.9 फीसदी बढ़कर 428.50 रुपए पर बंद हुआ था। यानी फ्लोर प्राइस बाजार के बंद भाव से करीब 11 फीसदी कम रखा गया है, ताकि निवेशकों की भागीदारी बढ़ सके।

रिटेल निवेशकों और कर्मचारियों को मिलेगा डिस्काउंट

OFS में हिस्सा लेने वाले रिटेल निवेशकों और पात्र कर्मचारियों को अंतिम तय कीमत पर 15 रुपए प्रति शेयर का अतिरिक्त डिस्काउंट मिलेगा।

किसके लिए कितना रिजर्वेशन?

OFS के तहत अलग-अलग श्रेणी के निवेशकों के लिए शेयर आरक्षित किए गए हैं।पात्र कर्मचारियों के लिए 50 लाख शेयर आरक्षित रखे गए हैं। कुल ऑफर का कम से कम 10 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा। वहीं कम से कम 25 फीसदी शेयर म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों जैसे संस्थागत निवेशकों के लिए निर्धारित किए गए हैं।

OFS क्या होता है?

Offer for Sale (OFS) शेयर बेचने का ऐसा तरीका है, जिसमें कंपनी के प्रमोटर या सरकार अपनी मौजूदा हिस्सेदारी सीधे निवेशकों को बेचते हैं। इस प्रक्रिया में नए शेयर जारी नहीं किए जाते, बल्कि पहले से मौजूद शेयर ही निवेशकों को ट्रांसफर किए जाते हैं।

क्या है Minimum Public Shareholding (MPS) नियम?

SEBI के नियमों के मुताबिक, शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों में न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी तय होनी चाहिए। बड़ी सरकारी कंपनियों को इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अलग समय-सीमा दी जाती है।

LIC के लिए यह समय-सीमा मई 2027 तय की गई है। सरकार का यह OFS उसी लक्ष्य को समय से पहले पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।