प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सप्ताह के फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह फ्रांस में आयोजित होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। व्हाइट हाउस ने शनिवार को पुष्टि की कि सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय मुलाकात होगी।

व्यापार, वीजा और ऊर्जा सहयोग पर होगी अहम चर्चा

सूत्रों के अनुसार, मोदी और ट्रंप की बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें व्यापारिक सहयोग, वीजा नीतियां, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी प्रमुख रूप से शामिल हैं। दोनों नेताओं की यह मुलाकात वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों पर भी केंद्रित रह सकती है।

15 से 17 जून तक होगा G7 शिखर सम्मेलन

फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में 15 से 17 जून तक आयोजित होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता शामिल होंगे। अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान, कनाडा और इटली के अलावा भारत समेत कई अन्य देशों को भी विशेष आमंत्रण दिया गया है।

भारत-फ्रांस संबंधों को बताया विशेष रणनीतिक साझेदारी

रवानगी से पहले जारी अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की रणनीतिक सोच में फ्रांस का विशेष स्थान है। उन्होंने याद दिलाया कि इस वर्ष की शुरुआत में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत का दौरा किया था, जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों को “विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक और मजबूत किया गया।

वैश्विक मंच पर बढ़ेगी भारत की भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि G7 शिखर सम्मेलन के दौरान होने वाली मोदी-ट्रंप वार्ता और अन्य द्विपक्षीय बैठकों से भारत की वैश्विक कूटनीतिक भूमिका को और मजबूती मिलेगी। साथ ही, यह सम्मेलन आर्थिक सहयोग, वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर भारत के दृष्टिकोण को दुनिया के सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।

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