० 11 किमी सीवर सफाई का लक्ष्य कागजों में सिमटा, टेंडर में देरी से बढ़ी जलभराव की समस्या; लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी
बहादुरगढ़। हरियाणा के बहादुरगढ़ में मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर प्रशासन और जन स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की पोल खोल दी है। शहर की मुख्य सड़कें और कई कॉलोनियां घंटों तक पानी में डूबी रहीं। इसकी बड़ी वजह सीवर लाइनों और नालों की समय पर सफाई नहीं होना मानी जा रही है। टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण तय लक्ष्य के अनुरूप सफाई कार्य शुरू ही नहीं हो सका।
11 किलोमीटर सीवर सफाई का काम शुरू ही नहीं हुआ
जन स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष 11 किलोमीटर सीवर लाइनों की सफाई का लक्ष्य तय किया था, लेकिन टेंडर जारी नहीं होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। वहीं, नालों की सफाई का टेंडर भी मानसून शुरू होने के बाद जारी किया गया, जिसका असर पहली ही बारिश में साफ दिखाई दिया।
घंटों भरा रहा पानी, बढ़ा हादसों का खतरा
शहर में बरसाती पानी की निकासी सीवर नेटवर्क के जरिए होती है। सीवर लाइनें गाद और कचरे से भरी होने के कारण पानी का बहाव बाधित हो गया। नतीजतन बारिश रुकने के कई घंटे बाद भी सड़कों और गलियों में पानी जमा रहा। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी, वाहनों के खराब होने और सड़क हादसों का खतरा बना रहा।
कई इलाकों में सीवर जाम, लोग परेशान
झज्जर रोड सहित शहर की कई कॉलोनियों में सीवर लाइनें बाधित होने से जलनिकासी प्रभावित हुई। विभाग का कहना है कि यदि नालों की समय पर सफाई हो जाती तो उनमें जमा कचरा सीवर लाइनों तक नहीं पहुंचता और यह स्थिति नहीं बनती।
आनन-फानन में सफाई से फैली अव्यवस्था
जलभराव वाले क्षेत्रों में बाद में जल्दबाजी में नालों की सफाई कराई गई, लेकिन इससे कई जगह अव्यवस्था फैल गई। मांडौठी बाजार के पास राव तुलाराम पार्क क्षेत्र में सफाई के बाद गाद और कचरा खुले में पड़ा रहने से लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा।
119 मिमी बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
जुलाई के पहले 10 दिनों में बहादुरगढ़ में 119 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मानसून से पहले सीवर और नालों की सफाई पूरी कर ली जाती तो शहर को जलभराव की समस्या से काफी हद तक बचाया जा सकता था। अब लगातार बारिश होने पर हालात और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

