अनिल सक्सेना, रायसेन। मध्य प्रदेश के सरकारी गोदामों से करोड़ों रुपए का अनाज गायब होने का एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अमले की नींद उड़ा दी है। हाल ही में नर्मदापुरम के माखननगर स्थित एकलव्य वेयरहाउस से ताला तोड़कर करीब 4 करोड़ रूपए मूल्य की 10 हजार बोरी मूंग गायब होने का महाघोटाला शांत भी नहीं हुआ था कि अब ठीक वैसा ही एक और सनसनीखेज मामला रायसेन के सिलवानी स्थित वेयर हाउस में सामने आया है।
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सिलवानी के सर्वोदय वेयरहाउस से करीब 80 लाख रुपए से अधिक कीमत की 1760 बोरी मूंग रहस्यमय परिस्थियों में गायब हो गई है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि नर्मदापुरम की तरह यहां कोई ताला नहीं टूटा बल्कि गोदाम के डबल लॉक पूरी तरह सुरक्षित मिले हैं।
एकलव्य से सर्वोदय तक… आखिर कहां जा रही वेयरहाउस की मूंग?
नर्मदापुरम के एकलव्य वेयरहाउस से जब करोड़ों की मूंग गायब हुई थी, तब विभाग ने ताला तोड़कर भौतिक सत्यापन किया था और वेयरहाउस संचालिका समेत दो लोगो पर एफआईआर दर्ज कराई थी।
अब रायसेन के सिलवानी में सर्वोदय वेयरहाउस की घटना ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी अनाज को ठिकाने लगाने वाला कोई बड़ा और शातिर गैंग काम कर रहा है। सिलवानी में जब बुधवार को सैंपलिंग के लिए टीम पहुंची तो स्टैक क्रमांक-1 और स्टैक क्रमांक-2 से 1760 बोरियां गायब थीं, जबकि रजिस्टर में माल दर्ज था।
‘डबल लॉक’ के बावजूद चोरी: बिना विभागीय साठगांठ के नामुमकिन!
इस घोटाले ने इसलिए भी गंभीर रूप अख्तियार कर लिया है। नियमानुसार, सरकारी वेयरहाउस ‘डबल लॉक’ (Double Lock) प्रणाली पर चलते हैं। जिसमें पहला ताला निजी वेयरहाउस मालिक का होता है। जबकि दूसरा ताला मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन का होता है।
दोनों पक्षों की मौजूदगी और चाबियों के बिना गोदाम का शटर खोला नहीं जा सकता। अब जब पुलिस जांच में ताले पूरी तरह साबुत मिले हैं और कटर से काटने का एक भी निशान नहीं है तो यह साफ है कि ताले बकायदा चाबी से खोले गए और माल निकाला गया। बिना आपसी मिलीभगत और तगड़ी सेटिंग के इतनी भारी मात्रा में अनाज पार करना मुमकिन ही नहीं है।
मालिक और प्रबंधन आमने-सामने
इस महाघोटाले के उजागर होते ही हड़कंप मच गया है। खुद को फंसता देख वेयरहाउस मालिक और कॉर्पोरेशन प्रबंधन अब आमने-सामने आ गए हैं। दोनों पक्षों ने सिलवानी थाने में एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
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खंगाले जा रहे हैं रास्ते के CCTV फुटेज
नर्मदापुरम मामले के बाद इस नए केस को लेकर पुलिस और प्रशासन बेहद गंभीर हैं। सिलवानी एसडीओपी (SDOP) कुंवर सिंह मुकाती के मुताबिक वेयरहाउस के ताले सुरक्षित हैं और तोड़-फोड़ के निशान नहीं हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस अब गोदाम के आसपास और सिलवानी क्षेत्र के पिछले कई दिनों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, स्टॉक रजिस्टरों और गेट एंट्री की बारीकी से जांच कर रही है। जल्द ही इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दोषियों को जेल भेजा जाएगा।

