अजय सैनी, भिवानी. मातृ दिवस (मदर्स-डे) के उपलक्ष्य में गांव झरवाई में एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सरपंच कमला देवी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में ना केवल मातृत्व का उत्सव मनाया गया, बल्कि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण के प्रति जागरूक भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान गांव की चौपाल सांस्कृतिक रंगों और उत्साह से सराबोर नजर आई, जहां महिलाओं ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरपंच कमला देवी ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अपने संबोधन में एक अत्यंत मार्मिक और व्यावहारिक बात कही, जो आज के समय की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक मां पूरे परिवार की धुरी होती है। जब महिलाएं स्वयं स्वस्थ होंगी, तभी वे अपने परिवार का बेहतर ढंग से ध्यान रख सकेंगी। अक्सर महिलाएं परिवार की देखभाल में अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि वे अपनी सेहत को प्राथमिकता दें।

सरपंच ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि एक स्वस्थ मां ही एक स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र की नींव रख सकती है। इस दौरान हेल्थ वेलनेस कोच दीपक शर्मा अपनी धर्मपत्नी के साथ पहुंचे तथा महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां दी। मदर्स-डे के इस उपलक्ष्य में संस्कृति से ओत-प्रोत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ग्रामीण महिलाओं और बच्चियों ने हरियाणवी लोकगीतों और नृत्य के माध्यम से मातृत्व की महिमा का गुणगान किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस दौरान सरपंच कमला देवी ने निमड़ीवाली की सरपंच कोमिला और अन्य गणमान्य महिलाओं को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बेहतरीन प्रस्तुतियां देने वाली प्रतिभागियों को सरपंच द्वारा सम्मानित भी किया गया, ताकि भविष्य में भी वे अपनी कला का प्रदर्शन करती रहें। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षिका मोनिका शर्मा ने सभी को मातृ दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विस्तार से बताया कि क्यों मदर्स-डे केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हर दिन मां के त्याग और प्रेम के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।