सोहराब आलम/मोतिहारी। जिले में अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति धरातल पर दिखने लगी है। जिले की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ठगी के शिकार हुए एक व्यक्ति के 10 लाख रुपये सुरक्षित वापस कराकर समाज में एक मिसाल पेश की है। इस पूरे ऑपरेशन के नायक रहे हैं जिले के अनुभवी और तेजतर्रार पुलिस अधिकारी, इंस्पेक्टर मनीष कुमार।
तकनीकी कुशलता से अपराधियों को दी मात
साइबर थाना कांड संख्या-101/25 की तफ्तीश के दौरान इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और त्वरित सूझबूझ का परिचय दिया। जैसे ही ठगी का मामला सामने आया, मनीष कुमार ने डिजिटल ट्रेल का पीछा करते हुए अपराधियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया और ठगी गई बड़ी राशि को सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया।
स्वर्णिम रहा है मनीष कुमार का कार्यकाल
मनीष कुमार की पहचान पुलिस महकमे में एक ऐसे अधिकारी की रही है, जिनकी कार्यशैली अपराधियों के लिए खौफ और आम जनता के लिए उम्मीद की किरण है। इससे पहले कालीबाग ओपी प्रभारी और चनपटिया थाना प्रभारी के रूप में उनके कार्यकाल को आज भी याद किया जाता है। चनपटिया और कालीबाग में तैनाती के दौरान उन्होंने न केवल कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि कई पेचीदा मामलों की गुत्थी सुलझाकर अपनी अलग पहचान बनाई।
जनता और महकमे में बढ़ी साख
मनीष कुमार जैसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों की सक्रियता से यह संदेश गया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर हो, वह कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। ₹10 लाख की सफल रिकवरी के बाद न केवल पुलिस विभाग उनके समर्पण पर गर्व कर रहा है, बल्कि जिले की जनता भी इस ‘सुपर कॉप’ की कार्यकुशलता की जमकर सराहना कर रही है।
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