सोहराब आलम/मोतिहारी। जिले के बिजधरी थाना क्षेत्र में चिकित्सा में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान तीन माह की गर्भवती महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान मनोहर छपरा निवासी सुभाष पंडित की 25 वर्षीय पत्नी चंचल देवी के रूप में हुई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर हंगामा किया।

​लापरवाही का आरोप और घटनाक्रम

​परिजनों के अनुसार चंचल देवी को डीएनसी (DNC) प्रक्रिया के लिए नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि चिकित्सकों ने पहले गर्भपात की दवा दी जिससे महिला की स्थिति अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों का दावा है कि स्थिति बिगड़ने के बावजूद समय पर सही उपचार नहीं किया गया और बाद में आनन-फानन में ऑपरेशन किया गया जिसके दौरान महिला की हालत और अधिक नाजुक हो गई। अंततः बेहतर इलाज के लिए उन्हें मुजफ्फरपुर ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​परिजनों का आक्रोश और तोड़फोड़

​महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने नर्सिंग होम पहुंचकर भारी विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित भीड़ ने अस्पताल परिसर में जमकर तोड़फोड़ की और कुर्सियों व अन्य सामानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद लोगों ने शव वाहन को सड़क पर खड़ा कर सत्तरघाट मार्ग को जाम कर दिया जिससे यातायात घंटों तक पूरी तरह बाधित रहा।

​पुलिस की कार्रवाई और स्थिति

​सूचना मिलते ही बिजधरी थानाध्यक्ष सीमा कुमारी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद लोगों को शांत कराया और सड़क जाम खुलवाया। घटना के बाद से नर्सिंग होम के संचालक कुशहर निवासी राजन कुमार सहित सभी डॉक्टर और कर्मचारी मौके से फरार हैं। पुलिस के अनुसार इस मामले में अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। थानाध्यक्ष ने कहा कि जैसे ही लिखित आवेदन प्राप्त होगा मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है और अस्पताल के दस्तावेजों की जांच की तैयारी कर रही है।