सोहराब आलम/ मोतिहारी। सरकारी स्कूल में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए एडमिशन के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली का खेल चल रहा है। मामला पूर्वी चम्पारण जिले के मोतिहारी प्रखण्ड का है, जहां राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, भरहुलिया लक्ष्मीपुर में गरीब अभिभावकों को निशाना बनाया जा रहा है। विद्यालय की हेडमिस्ट्रेस (प्रधानाध्यापिका) पर आरोप है कि वे नए नामांकन के लिए आने वाले सीधे-साधे ग्रामीणों से जबरन 500-500 रुपये की मांग कर रही हैं। शिक्षा के अधिकार के तहत जहां सरकारी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का प्रावधान है, वहीं इस तरह की अवैध वसूली ने विभाग की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिन्नतें करने पर थमाए 100 रुपये, मैडम ने तुरंत पर्स में डाले
ग्रामीण और सुदूर इलाके के बेबस अभिभावक बच्चों की पढ़ाई के लिए हेडमिस्ट्रेस के सामने गुहार लगाते नजर आए। एक पीड़ित अभिभावक की लाचारी का आलम यह था कि काफी मिन्नतें करने के बाद उसने मैडम को 100 रुपये दिए। प्रधानाध्यापिका ने बिना किसी झिझक के उन रुपयों को तुरंत अपने पर्स में रख लिया। हैरानी की बात यह है कि इस पूरी धांधली के दौरान स्कूल परिसर में हेडमिस्ट्रेस के पति बबलू यादव भी अवैध रूप से मौजूद थे और व्यवस्था को प्रभावित कर रहे थे।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
नियम-कानूनों को ताक पर रखकर किए जा रहे इस भ्रष्टाचार का किसी ने चुपके से वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण अब इस भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ गोलबंद हो रहे हैं और उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से आरोपी प्रधानाध्यापिका के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है ताकि गरीब बच्चों के भविष्य से ऐसा खिलवाड़ दोबारा न हो सके।

