कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को एक नया और आधुनिक विस्तार मिला है। राज्य में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को नियंत्रित करने तथा गहराते ईंधन संकट से निपटने के लिए परिवहन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। इस ऐतिहासिक पहल के तहत आज, 18 मई से पटना सचिवालय के कर्मचारियों के लिए विशेष बस सेवा की शुरुआत की गई है। इस नई व्यवस्था से न केवल सचिवालय कर्मियों को दफ्तर आने-जाने में सहूलियत होगी, बल्कि शहर में ईंधन की निर्भरता और बढ़ते प्रदूषण के स्तर में भी भारी गिरावट देखने को मिलेगी।
सचिवालय कर्मियों के लिए विशेष सौगात
परिवहन विभाग द्वारा सचिवालय कर्मियों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए विशेष रूप से अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों और महिलाओं के लिए सुरक्षित ‘पिंक बसों’ का परिचालन शुरू किया गया है। यह कदम पटना की सड़कों पर निजी वाहनों के दबाव को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा। इलेक्ट्रिक बसें जहां शून्य उत्सर्जन (जीरो एमिशन) के साथ पर्यावरण संरक्षण में योगदान देंगी, वहीं पिंक बसें सचिवालय में कार्यरत महिला कर्मचारियों को एक बेहद सुरक्षित और आरामदायक सफर का अहसास कराएंगी।

मंत्री और अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
इस विशेष बस सेवा का विधिवत शुभारंभ आज सुबह ठीक 8:00 बजे सचिवालय परिसर से किया गया। बिहार के परिवहन मंत्री ने इस नई फ्लीट को हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया। इस गरिमामयी उद्घाटन कार्यक्रम में परिवहन विभाग के कई वरिष्ठ विभागीय अधिकारी, प्रशासनिक अमला और कई सदस्य विशेष रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस मौके पर कहा कि इस सेवा का मुख्य उद्देश्य पटना में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को सुदृढ़ बनाना और ग्रीन मोबिलिटी (हरित गतिशीलता) को बढ़ावा देना है।
समय और पर्यावरण दोनों की होगी बचत
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) द्वारा संचालित की जा रही इन बसों के शुरू होने से सचिवालय कर्मियों को अब रोजाना के ट्रैफिक जाम और पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दामों से बड़ी राहत मिलेगी। सामूहिक परिवहन के इस डिजिटल और आधुनिक स्वरूप को अपनाने से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि शहर की हवा को भी साफ रखने में मदद मिलेगी। कर्मचारियों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे समय के अनुकूल एक बेहद सराहनीय कदम बताया है।

