सीतामढ़ी। जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां नानपुर थाना क्षेत्र के महुआ गाछी बाजार में अपराधियों ने एक सीएसपी (ग्राहक सेवा केंद्र) संचालक की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने से पहले बदमाशों ने संचालक से रुपयों से भरा बैग भी लूट लिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
घात लगाकर बैठे अपराधियों ने की अंधाधुंध फायरिंग
मृतक की पहचान मोहनी पंचायत के पूर्व मुखिया जयनारायण राय के 35 वर्षीय भतीजे सुन्दर कुमार यादव के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, रविवार की रात करीब आठ बजे सुन्दर कुमार महुआ गाछी बाजार स्थित अपने सीएसपी सेंटर को बंद करके ग्लैमर मोटरसाइकिल से वापस अपने घर मोहनी लौट रहे थे। इसी बीच, मोहनी गांव के पास पीपल पेड़ के समीप पहले से घात लगाए अपाची बाइक सवार तीन नकाबपोश अपराधियों ने उन्हें जबरन रोक लिया। अपराधियों ने लूटपाट का विरोध करने पर उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इसके बाद अपराधी उनकी पीठ पर टंगा रुपयों से भरा बैग छीनकर मौके से फरार हो गए।
अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में तोड़ा दम
गोलीबारी की आवाज सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों ने खून से लथपथ सुन्दर कुमार को तुरंत महुआ गाछी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, दुर्भाग्यवश अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
सड़क जाम कर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
इस जघन्य हत्याकांड से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने रून्नीसैदपुर-पुपरी मुख्य मार्ग को बांस-बल्ला लगाकर पूरी तरह जाम कर दिया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लोग अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
तनाव की सूचना मिलते ही नानपुर थाना समेत पुपरी, बाजपट्टी और बोखड़ा थाने की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर और 24 घंटे के भीतर अपराधियों को दबोचने का ठोस आश्वासन देकर जाम हटवाया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेज दिया।
बताया गया है कि सुन्दर कुमार अपने भाइयों में अकेले थे और सीएसपी के जरिए ही पूरे परिवार का खर्च चलाते थे। वे अपने पीछे पत्नी और छह छोटे बच्चों (रूपम, शिवम, सत्यम, रुपाली, प्रीति और सेतु) को छोड़ गए हैं। इस घटना से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

