सोहराब आलम, मोतिहारी। जिले के ढाका नगर परिषद क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब पीएचईडी विभाग की एक ऊंची पानी टंकी पर एक सिरफिरा युवक चढ़ गया। करीब चार घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के पसीने छुड़ा दिए। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थिति को संभालना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।

​शाम चार बजे शुरू हुआ घटनाक्रम

यह पूरी घटना ढाका नगर परिषद के वार्ड संख्या-21 स्थित पीएचईडी कार्यालय परिसर में हुई। शुक्रवार की शाम करीब चार बजे स्थानीय लोगों ने एक युवक को बेखौफ अंदाज में पानी टंकी की ऊपरी रेलिंग पर घूमते देखा। देखते ही देखते यह खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई और देखते ही देखते वहां सैकड़ों लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया।

​प्रशासन और पुलिस के तमाम प्रयास रहे विफल

घटना की सूचना मिलते ही ढाका थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और युवक को नीचे उतारने की कवायद शुरू कर दी। हालांकि, युवक किसी की भी बात सुनने को तैयार नहीं था। मामले की गंभीरता को भांपते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) विजय कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अभिषेक कुमार भी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी देर तक लाउडस्पीकर और अन्य माध्यमों से उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन युवक अपनी जिद पर अड़ा रहा।

​अंधेरे और उमस ने बढ़ाई मुश्किलें

ड्रामा उस वक्त और बढ़ गया जब युवक टंकी के ऊपरी हिस्से का ढक्कन खोलकर उसके अंदर उतर गया। टंकी के भीतर पूरी तरह अंधेरा होने के कारण बाहर खड़े लोगों और पुलिस के लिए उसकी हरकतों पर नजर रखना असंभव हो गया। स्थिति का जायजा लेने के लिए नगर के दो स्थानीय युवक टंकी के ऊपर चढ़े और अंदर बैठे युवक की स्थिति की जानकारी प्रशासन को दी। इसके बाद रस्सियां मंगवाई गईं और कुछ अन्य लोग भी ऊपर पहुंचे। अंदर जाकर देखा गया कि युवक ने अपनी शर्ट उतार रखी थी और वह किसी भी सूरत में बाहर आने को तैयार नहीं था। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रहा है।

​रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा

युवक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चार पुलिसकर्मियों समेत कुछ अन्य लोग डंडे और रस्सियों के साथ टंकी के भीतर उतरे। लेकिन टंकी के अंदर अत्यधिक अंधेरा, घुटन, गर्मी और उमस के कारण वे उसे बाहर खींचने में कामयाब नहीं हो सके। काफी मशक्कत और घंटों की जद्दोजहद के बाद भी जब युवक को नीचे नहीं लाया जा सका, तो रात घिरने और अंधेरा होने के कारण राहत एवं बचाव अभियान को फिलहाल रोक देना पड़ा। अधिकारी और पुलिस बल अंततः खाली हाथ वापस लौट आए।

​छह महीने से बंद है जलापूर्ति

स्थानीय लोगों के बीच यह घटना दिनभर चर्चा का मुख्य विषय बनी रही। जिस पानी टंकी पर यह पूरा वाकया हुआ, उससे पिछले लगभग छह महीनों से इलाके में जलापूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। फिलहाल प्रशासन आगे की रणनीति पर विचार कर रहा है ताकि युवक को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सके।