राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में बेमौसम बारिश से खराब हुई फसलों पर चर्चा हुई। बीजेपी और कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे पर सदन का ध्यानाकर्षण किया। विपक्ष ने कहा कि अभी तक खराब फसलों का सर्वे नहीं किया गया है। हीं इस पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और मंत्री करण सिंह वर्मा ने जवाब दिया हैं।
एमपी विधानसभा के बजट सत्र का सोमवार 23 फरवरी को छठवां दिन रहा। सुसनेर से कांग्रेस विधायक भैरो सिंह बापू, नीमच जिले की मनासा से बीजेपी विधायक अनिरुद्ध मारू और नागदा खाचरोद विधानसभा से भाजपा विधायक तेजबहादुर सिंह ने सदन में ध्यानाकर्षण किया। इन्होंने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश और ओलावृष्टि से फसल खराब होने पर सदन का ध्यानाकर्षण किया।
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कांग्रेस विधायक ने की मुआवजा देने की मांग
कांग्रेस विधायक भैरो सिंह बापू ने कहा कि आगर मालवा, राजगढ़ और नीमच समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश के कारण किसानों का नुकसान हुआ है। अभी तक खराब फसलों का सर्वे नहीं करवाया है। किसानों को किसान बीमा योजना का लाभ भी नहीं मिला है। शत-प्रतिशत फसलों का नुकसान मानकर मुआवजा दिया जाए।
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मंत्री बोले- आंकलन के दिए हैं निर्देश
मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि आगर मालवा, मंदसौर समेत कई जिलों में बारिश हुई थी। सर्वेदल को नुकसान के आंकलन करने के निर्देश दिए हैं। कई ऐसे जिले हैं, जहां कम बारिश हुई है, वहां नुकसान कम हुआ है। उन्होंने बताया कि 6 जिलों में ओलावृष्टि हुई है।
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मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने कही ये बात
वहीं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि साल 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रहे हैं। खेत से लेकर किसान को अन्नदाता के साथ उर्जादाता और उद्धमी बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मप्र को एक्सपोर्ट हब के रूप में बना रहे हैं। सोयाबीन में भावान्तर योजना से किसानों को लाभ हुआ और कमजोर पड़ रहीं मंडियां आबाद हुईं है।
सरसों पर भी भावान्तर योजना का लाभ, मूंग की जगह उड़द लगाने पर बोनस
सीएम डॉ मोहन यादव ने आगे कहा कि सरसों पर भी भावान्तर योजना का लाभ मिलेगा। सरसों पर 6200 रुपए एमएसपी है। मूंग की जगह उड़द लगाने पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस मिलेगा। चना, मसूर, तुअर का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा है।

