शब्बीर अहमद, भोपाल। AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी आज राजधानी भोपाल पहुंचे। उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), लव जिहाद और खुद को B टीम बताए जाने समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। ओवैसी देर शाम 7:30 बजे सेंट्रल लाइब्रेरी पहुंचे जहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। साथ ही आरएसएस पर जमकर निशाना साधा।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यूसीसी भारत के 18 करोड़ लोगों को टारगेट करने के लिए लाया गया है। इसके पीछे संविधान के आर्टिकल 26 और 29 को खत्म करने की साजिश रची जा रही है।सरकार चाहती है कि अल्पसंख्यकों के अधिकार खत्म कर दिए जाएं। प्रदेश में मुस्लिमों से ज्यादा आदिवासी हैं लेकिन उन्हें बाहर रखा गया है। मुस्लिमों पर हिंदू मैरिज एक्ट लागू किया जा रहा है।
ओवैसी ने कहा कि शादी सिर्फ मुसलमानों में कॉन्ट्रैक्ट, जन्म जन्म का साथ नहीं है। बीजेपी इस्लाम से मुसलमानों को दूर करना चाहती है। इस्लाम को कोई खत्म नहीं कर सका ये आरएसएस कौन सी खेत की मूली है। भारत में रहकर हम मुसलमान बनकर रहेंगे। संविधान हमें धर्म की आजादी देता है। इस्लाम को लेकर कहाँ जाता है यहां बेटियों को सम्मान नहीं मिलता है। इस्लाम में मां के पैरों में जन्नत का दर्ज दिया गया है।
ओवैसी ने आगे कहा कि बीजेपी जहां सरकार में वहां मस्जिद, कब्रिस्तानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कांग्रेस के साथ कुछ भी गलत होता है तो मुझे बी टीम बता देते हैं। सागर शराब कांड पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को देखना चाहिए कौन पिला रहा है। लव जिहाद पर उन्होंने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बालिग अगर किसी से शादी करना चाहता है तो रोकने वाले आप कौन होते हैं? मोहब्बत को धर्म के चश्मे से नहीं देखना चाहिए।
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बारे में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं, ‘यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि हम कितनी सीटें जीतेंगे। हम वहां गठबंधन बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हमने सार्वजनिक रूप से कहा है कि अगर आप उत्तर प्रदेश में तीसरी बार BJP की सरकार नहीं चाहते हैं, और हम भी नहीं चाहते हैं, तो आइए गठबंधन बनाएं। हमने बिहार में भी ऐसा ही प्रस्ताव रखा था।’
यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘अगर TDP, JD(U), कुमारस्वामी, चिराग पासवान और जयंत चौधरी ने पूरी तरह से BJP की विचारधारा को अपना लिया है, तो यह अलग बात है। लेकिन अगर BJP के साथ उनके अभी भी कुछ मतभेद हैं, तो उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में हमें अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 के तहत अपने-अपने धर्म का पालन करने का अधिकार मिला है।’
ओवैसी ने आगे कहा कि UCC, जिसकी शुरुआत उत्तराखंड से हुई और जो अब गुजरात और असम तक पहुंच गया है। गैर-हिंदुओं पर हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, हिंदू विवाह अधिनियम और हिंदू गोद लेने व भरण-पोषण से जुड़े कानूनों को थोपने की कोशिश है। यह बिल्कुल गलत है। एक धर्म के कानूनों को दूसरे धर्म पर लागू करना समानता और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है। इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं।
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