शब्बीर अहमद, भोपाल/हेमंत शर्मा, इंदौर/कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। राजधानी भोपाल में MBBS इंटर्न्स पर हुए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने गांधी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के साथ एक महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय बैठक की। बातचीत के बाद डिप्टी सीएम ने इसे बेहद सकारात्मक बताया और कहा कि सरकार छात्रों की मांगों और पुलिस कार्रवाई को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
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डिप्टी सीएम का बयान: ‘लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर होगी जांच’
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि हमीदिया अस्पताल के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत संतोषजनक रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल की घटना की जांच कराई जाएगी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। डिप्टी सीएम ने कहा कि जरूरत पड़ी तो हम खुद छात्रों से मिलने जाएंगे। शाम को एक बार फिर बैठक कर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे से लौटते ही स्टाइपेंड बढ़ाने की मुख्य मांग पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
सड़क पर डटे इंटर्न्स बोले- ‘लिखित आदेश मिलने पर ही खत्म होगा धरना’
इससे पहले प्रदर्शनकारी MBBS इंटर्न्स ने स्वास्थ्य मंत्री से मिलने जाने से साफ इनकार कर दिया था। कमला पार्क रोड पर कल शाम से ही धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री और आला अधिकारियों को खुद उनके पास बातचीत के लिए आना होगा। छात्रों ने साफ कर दिया है कि वे केवल लिखित आश्वासन पर ही आंदोलन वापस लेंगे। स्टाइपेंड बढ़ाने के साथ-साथ अब छात्रों ने लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग भी जोड़ दी है। इंटर्न्स के धरने के कारण भोपाल में यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
ग्वालियर में भी जयारोग्य अस्पताल के 200 से अधिक इंटर्न्स धरने पर बैठे
भोपाल की घटना की गूंज अब पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। ग्वालियर में जयारोग्य अस्पताल परिसर में 200 से अधिक इंटर्न डॉक्टर्स धरने पर बैठ गए हैं। इनके समर्थन में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JUDA) और पीजी डॉक्टर्स भी उतर आए हैं। ग्वालियर में डॉक्टरों ने भोपाल में हुई पुलिसिया कार्रवाई का कड़ा विरोध जताते हुए स्टाइपेंड बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग की है। इस हड़ताल के चलते इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर ओपीडी सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं।
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इंदौर के डॉक्टर संगठनों की चेतावनी: ‘दोषी अफसरों पर कार्रवाई न हुई तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन’
उधर इंदौर में भी इंटर्न डॉक्टर्स और ‘एसोसिएशन ऑफ मेडिकल ऑफिसर्स मेडिकल एजुकेशन’ ने पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। डॉक्टर संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर कहा कि पिछले दो महीनों से छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सुनवाई न होने पर जब वे सीएम हाउस घेराव के लिए निकले तो उन पर बल प्रयोग किया गया। इंदौर के डॉक्टरों ने मांग की है कि लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर तुरंत कार्रवाई की जाए; ऐसा न होने पर पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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