जबलपुर। MP HC On Saurabh Sharma: मध्य प्रदेश परिवहन विभाग (RTO) के ‘धनकुबेर’ पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा ने जमानत याचिका लगाई है। सौरभ शर्मा की टेंपरेरी बेल एप्लीकेशन पर आज सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
आरोपी सौरभ शर्मा ने हाईकोर्ट में 60 दिन की अस्थाई जमानत के लिए याचिका लगाई थी। जिसमें उसने पत्नी की सर्जरी और बच्चों की देखभाल का हवाला दिया है। याचिका के अनुसार, उसे डिविएटेड नेजल सेप्टम क्रॉनिक साइनसिस्टम और नॉक संबंधी जटिल समस्या है, जिसके चलते डॉक्टर ने फंक्शनल एंडोस्कोपी साइनस सर्जरी की सलाह दी है। याचिका में यह भी कहा गया है कि ऑपरेशन के बाद भी देखभाल के लिए पति की मौजूदगी आवश्यक है।
जमानत याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि उसके दो नाबालिक बच्चे अमीर और सुबीर पूरी तरह से अपने माता-पिता पर ही निर्वाह हैं। पत्नी के अस्पताल में भर्ती रहने और सर्जरी के बाद रिकवरी के दौरान बच्चों की देखभाल करने वाला कोई अन्य जिम्मेदार सदस्य नहीं है, इस मानवीय आधार पर उसे 60 दिन की अस्थाई जमानत दी जाए।
माना जा रहा है कि हाईकोर्ट इस पर एक या दो दिन में फैसला सुना सकता है। गौरतलब है कि सौरभ शर्मा मध्य प्रदेश के बहुचर्चित RTO भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग केस में मुख्य आरोपी है।
18 दिसंबर को लोकायुक्त की रेड, IT ने बरामद किया था सोना और कैश
गौरतलब है कि 18 दिसंबर को लोकायुक्त ने राजधानी भोपाल में सौरभ शर्मा के घर छापामार कार्रवाई की थी। वहीं ,19 दिसंबर को मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को खाली प्लॉट पर खड़ी एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी के होने की सूचना दी थी, जिसमें 6 से 7 बैग रखे हुए थे।
52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश मिलने के बाद शुरू हुई जांच
कैश का अंदेशा होने की वजह से आयकर विभाग को सूचित किया गया था, जिसके बाद IT की टीम ने कांच तोड़कर अंदर से बैग बाहर निकला। जिसमें 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया था। जिसके बाद से लोकायुक्त के बाद ED और IT भी सक्रिय हो गई।
27 दिसंबर को ED ने कई ठिकानों पर मारा छापा
27 दिसंबर को जांच एजेंसियों ने सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और सहयोगियों के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित आवास में जांच एजेंसियों ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों पर सर्चिंग के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए।
6 करोड़ से ज्यादा की FD बरामद
सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की FD मिली थी। परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक बैलेंस भी मिला। 23 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया।

