संजय कुमार, जींद: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सिरसा सांसद कुमारी शैलजा ने हरियाणा सरकार की नीतियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। जींद प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने राज्य सरकार द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर स्थापित लाइब्रेरी का नाम बदलकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किए जाने की कोशिशों का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने इस कदम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और बाबा साहेब का अनादर करने वाला बताया।
नया संस्थान बनाएं, पुराना नाम न बदलें
सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार धरातल पर काम करने के बजाय केवल प्रचार और दिखावे की राजनीति में व्यस्त है। उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा, “यदि सरकार देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में कोई संस्थान बनाना चाहती है, तो उसके लिए अलग से बजट आवंटित कर नया और भव्य प्रोजेक्ट शुरू करे। किसी स्थान पर सिर्फ कुछ कुर्सियां और मेजें रख देने से और पहले से स्थापित डॉ. अंबेडकर के नाम को हटा देने से विकास नहीं होता। ऐसी राजनीति को बिल्कुल भी उचित नहीं ठहराया जा सकता।”
पेपर लीक और हांसी गोलीकांड को लेकर बोला हमला
प्रेस वार्ता के दौरान कुमारी शैलजा ने देश और प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आए दिन भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है और सरकार इस पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
इसके साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए हाल ही में हांसी में हुई गोलीबारी की वारदात का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता के बीच असुरक्षा का माहौल है।
वोटर लिस्ट को लेकर कार्यकर्ताओं को किया सचेत
मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के सिलसिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं को संबोधित करते हुए शैलजा ने विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर एक्टिव रहें ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से कटने न पाए। उन्होंने आगाह किया कि एक बार नाम कटने के बाद दोबारा प्रक्रिया पूरी कराना बेहद पेचीदा और मुश्किल हो जाता है।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव का आरोप
केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार दबाव बढ़ाया जा रहा है, जिससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। उन्होंने मध्य प्रदेश और झारखंड के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि आज लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और जनता अब केवल विज्ञापनों से नहीं बल्कि वास्तविक मुद्दों पर जवाब चाहती है।

