मध्य प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियों से लेकर औद्योगिक विकास तक कई बड़ी हलचलें होने वाली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पीथमपुर को करोड़ों की सौगात देंगे, तो वहीं भोपाल में कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगेगी। इसके साथ ही बीजेपी ओरछा में आगामी रणनीति को लेकर बड़ा मंथन करने जा रही है। आइए नजर डालते हैं आज सुबह की महत्वपूर्ण खबरों पर:

पीथमपुर को CM मोहन की बड़ी सौगात, 272 करोड़ का निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। वे यहां ‘लियूगोंग इंडिया’ की अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमि-पूजन करेंगे। 20 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना में 272 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश होगा। इस यूनिट में हर साल 6,500 निर्माण उपकरणों के उत्पादन की क्षमता होगी। बता दें कि इसी कंपनी ने देश का पहला ‘मेड इन इंडिया’ व्हील लोडर तैयार किया था।

मोहन कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक, सुबह 11 बजे मंत्रालय में जुटेंगे मंत्री

राजधानी भोपाल के मंत्रालय में सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में प्रदेश के विकास, जनहितकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। मानसून सत्र से पहले हो रही इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ओरछा में बीजेपी कार्यसमिति का ‘महामंथन’, विपक्ष को घेरने का बनेगा प्लान

बीजेपी की नई प्रदेश कार्यसमिति की पहली बड़ी बैठक 18 और 19 जुलाई को राम राजा की नगरी ओरछा में होने जा रही है। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में होने वाले इस दो दिवसीय मंथन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सहसंगठन महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह समेत सभी दिग्गज शामिल होंगे। 20 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले हो रही इस बैठक में संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और सदन में विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति पर गहन चर्चा होगी।

इंदौर: बदल जाएगी शहर की तस्वीर, मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर बनेगा ‘रिसीविंग एरिया’

मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर में मेट्रो कॉरिडोर के आसपास विकास को एक नई रफ्तार मिलने वाली है। एयरपोर्ट से राजेंद्र नगर तक मेट्रो रूट के दोनों ओर 500-500 मीटर के क्षेत्र को ‘रिसीविंग एरिया’ बनाया जाएगा। इसके तहत यहां ऊंची इमारतों और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मास्टर प्लान में संशोधन के लिए 15 दिनों में दावे-आपत्तियां मांगी गई हैं। सरकार का दावा है कि इस वर्टिकल डेवलपमेंट से मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सड़क चौड़ीकरण में प्रभावित लोगों के टीडीआर (TDR) सर्टिफिकेट की कीमत भी बढ़ेगी।

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