हेमंत शर्मा, इंदौर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बाबा भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बाबा साहब के योगदान को याद करते हुए कहा कि 26 जनवरी हमारे देश के लिए सबसे बड़ा त्योहार है। यह दिन हमें हमारे संविधान और लोकतंत्र की शक्ति का अहसास कराता है, जिसे बाबा साहब ने दुनिया में एक पहचान दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा, “महू, जो पंच तीर्थों में से एक है, बाबा साहब की जन्मस्थली होने के नाते एक पवित्र स्थान है। यह केवल एक तीर्थस्थल है, जिसे पर्यटन केंद्र के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। तीर्थस्थल की महत्ता तिथियों से जुड़ी होती है, और अगर यहां आना है तो सही तिथि पर आना चाहिए।”
यह बात मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को लेकर कही क्योंकि 27 जनवरी को कांग्रेस नेता राहुल, प्रियंका गांधी और खड़गे महू आ रहे हैं जहां से जय बापू, जय भीम रैली की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी की “जय बापू, जय भीम” यात्रा को लेकर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज बाबा साहेब के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, उन्होंने ही उनके जीवनकाल में सबसे ज्यादा कष्ट पहुंचाए। “बाबा साहेब को चुनाव लड़ने से रोका गया, उन्हें अपमानित किया गया, और उनके साथ अन्याय हुआ। अब वहीे लोग यहां केवल राजनीतिक इवेंट के लिए आ रहे हैं। उन्हें उनके साथ किए गए अन्याय को याद करें और माफी मांगें,” मुख्यमंत्री ने धारा 370 का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की तारीफ की। उन्होंने कहा, “बाबा साहेब ने 1950 में संविधान लागू करते समय धारा 370 के खिलाफ अपनी असहमति व्यक्त की थी।
उन्होंने इसे जोड़ने से मना किया था, क्योंकि इसके कारण हजारों लोगों की जिंदगी तबाह हुई। मोदी सरकार ने इसे हटाकर उनके विचारों को सम्मान दिया है। मुख्यमंत्री ने महू को लोकतंत्र का पवित्र मंदिर बताया और कहा, “यहां जनता भगवान होती है। जनता सबकुछ देख रही है और सही-गलत को पहचानती है। मैं यहां अंबेडकर के संविधान और लोकतंत्र में उनके योगदान को स्मरण करने आया हूं। हमारा यह सौभाग्य है कि हम इस महान व्यक्ति के जन्मस्थल पर आकर उन्हें नमन कर सकते हैं। गणतंत्र दिवस पर उनको याद करना हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने संविधान निर्माण में उनके योगदान को अद्वितीय बताते हुए कहा कि यह उनके विचारों और संघर्षों का परिणाम है कि भारत आज एक सशक्त लोकतंत्र है।


