रेणु अग्रवाल, धार. नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने महू में ‘जय बापू जय भीम जय संविधान’ सभा को लेकर कांग्रेस और नेहरू परिवार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि नेहरू खानदान ने हमेशा संविधान को पॉकेट में रखा है. हमने सिर पर रखकर सम्मान दिया है, इसलिए कांग्रेस की नौटंकी का जनता पर कोई असर नहीं होगा. लोग बीजेपी के साथ है, बीजेपी के साथ ही रहेंगे.
दरअसल, धार में ध्वजारोहण के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि इतिहास उठाकर देख लीजिए तो सबसे ज्यादा बाबा साहेब का अपमान किसी ने किया है तो पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया है. वह चुनाव लड़े, हराने के लिए उन्होंने उसे जमाने में 20 से 22 सभाएं की. उस चुनाव का परिणाम देख लीजिए. आज भी रिकॉर्ड में उपलब्ध है कि 74000 वोट निरस्त हुए. यह पहला चुनाव था किसी भी लोकसभा में मुंबई में इतने वोट निरस्त नहीं हुए. यह निरस्त कराए गए हैं.
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विजयवर्गीय ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने चुनाव आयोग को शिकायत की. चुनाव आयोग नेहरू जी के इतने प्रेशर में था कि उन्होंने उनकी याचिका निरस्त कर दी. उनको पार्लियामेंट में जाने से रोका. उनको संविधान सभा में जाने से रोका. जब धारा 370 लगी तो बाबा साहेब ने पत्र लिखा कि आप संविधान की आत्मा की हत्या कर रहे हैं. धारा 370 नहीं लगना चाहिए. तब भी नेहरू जी ने उनकी बात को नहीं माना. सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी 370 का विरोध किया था तो भी उन्होंने लगाई.
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मंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया. बहुत सारे लोग जेल गए. कांग्रेस के ही लोगों ने उसका विरोध किया था. वह भी जेल में रहे. जितने भी सीनियर लीडर थे, जिसने भी इंदिरा जी का विरोध किया उनको उन्होंने जेल में डाला. यह संविधान का उपयोग उन्होंने अपनी कुर्सी बचाने के लिए किया या अपने परिवार को बचाने के लिए किया? देश हित में कभी भी नहीं किया.
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कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगर हम राजीव गांधी की बात करें तब सिख दंगे हुए. सिख मारे गए तो राजीव जी से यह पूछा गया कि यह क्या है तो उन्होंने कहा कि जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है. यह क्या उनका संवैधानिक बयान था? चलिए वह छोड़िए इंदौर में शाहबानो महिला थी, उसके प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने महिला गुजारा भत्ता देने का घोषणा की. सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ पार्लियामेंट में वह गए. सुप्रीम कोर्ट के परिणाम को बदल दिया. यह संविधान की हत्या थी, जो राजीव गांधी ने की.

