आकाश श्रीवास्तव, नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में मादक पदार्थ तस्करी (एनडीपीएस) के मामले में जांच करने पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया। जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर मनासा थाना क्षेत्र के चौकड़ी गांव में ग्रामीणों ने बुधवार दोपहर 3 बजे से देर रात तक पुलिस के दो वाहन व पुलिसकर्मियों को घेरे रखा और विरोध प्रदर्शन करने लगे। देर रात पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हुई। ग्रामीणों ने पथराव किया तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और बचाव में लाठीचार्ज किया। इस दौरान ग्रामीण पुलिस पर हावी हो गए। जिसके बाद पुलिस की टीम किसी तरह से जान बचाकर वहां से भागी।
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दरअसल ग्रामीणों का आरोप था कि सिंगोली पुलिस ने चौकड़ी गांव के युवक नीलेश धाकड़ को एनडीपीएस के मामले में पकड़ा। जिसमें करीब 35 किलो डोडाचुरा के साथ पकड़ा था। लेकिन पुलिस ने 54 किलो से अधिक का केस बनाया। ग्रामीणों ने मांग रखी की पुलिस ने जो अधिक माल रखकर केस बनाया है। उन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए इसके साथ पुलिस अधिक डोडाचुरा कहां से लाए हैं उनके ऊपर भी एनडीपीएस की कार्रवाई की जाए।
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ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन करीब रात्रि 10:00 बजे तक जारी रहा। पुलिसकर्मियों को तो शाम को छुड़वा लिया। उसके बाद जब देर रात पुलिस दो वाहनों को छुड़ाने पहुंची, इसी दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। ग्रामीणों के पुलिस वाहन पर पथराव कर दिया। उसके पश्चात पुलिस ने जवाबी कार्यवाही की और आशु गैस के गोले छोड़े और लाठियां भांज कर ग्रामीणों को तीतर भीतर किया। पुलिस और ग्रामीणों की झड़प में कुछ पुलिसकर्मियों और ग्रामीण को चोट आई है। पुलिस ने देर रात आधा दर्जन करीब घायल पुलिस कर्मियों का मेडिकल करवाया और 5- 6 नामजद सहित अज्ञात आरोपियो पर प्रकरण दर्ज किया है।

