अनमोल मिश्रा, सतना/चित्रकूट। चित्रकूट और आसपास के इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बारिश का पानी अब रिहाइशी इलाकों और सड़कों को डुबोते हुए सीधे रेलवे ट्रैक तक पहुंच गया है। सतना-मानिकपुर रेलखंड के इतिहास में पहली बार ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है, जहां चितहरा रेलवे स्टेशन के पास पटरियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं और चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है।
पटरी गायब, फिर भी जान जोखिम में डालकर चल रहीं ट्रेनें
पटरियां पूरी तरह पानी में डूब जाने के कारण दिखाई नहीं दे रही हैं। ऐसे में किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए रेलवे पॉइंट्समैन जान जोखिम में डालकर ट्रेन के इंजन के आगे-आगे पैदल चलकर पटरियों की स्थिति जांच रहे हैं और ट्रेन को रास्ता दिखा रहे हैं। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इस रूट से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की रफ्तार को बेहद धीमा कर दिया है।
हर कदम पर खतरा, एक चूक पड़ सकती है भारी
उफान मारते पानी के बीच से ट्रेन गुजारना रेलवे के लिए इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। हल्का सा भी संतुलन बिगड़ने या पटरियों के नीचे से मिट्टी खिसकने पर बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद विपरीत परिस्थितियों में रेलवे कर्मचारी मोर्चे पर डटे हुए हैं और लगातार ट्रैक की निगरानी कर रहे हैं।
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