अनमोल मिश्रा, सतना। मैहर जिले के रामनगर से सतना जिला अस्पताल रेफर की गई एक 25 वर्षीय प्रसूता की किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया कि पूरा अस्पताल प्रशासन और परिजन दंग रह गए। गंभीर मेडिकल हिस्ट्री और रास्ते में बिगड़ती तबीयत के बीच जैसे ही एंबुलेंस जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर पहुंची, महिला ने एंबुलेंस के अंदर ही बच्चे को जन्म दे दिया। नर्सिंग स्टाफ ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर ही नवजात की नाल काटी और तत्काल दोनों को प्रसूति वार्ड में शिफ्ट किया।

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8 साल पुराना केस और किया गया रेफर

जानकारी के मुताबिक रामनगर निवासी रेखा पाठक 25 वर्ष को शुक्रवार सुबह प्रसव पीड़ा उठने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेंद्र मीणा ने जानकतारी देते हुए बताया कि रेखा की पहली डिलीवरी करीब 8 साल पहले हुई थी, जिसमें गर्भस्थ शिशु ने पेट के अंदर ही गंदा पानी पी लिया था। इस बार भी अचानक भारी ‘वॉटर डिस्चार्ज’ शुरू हो गया। पुरानी हिस्ट्री और गंभीर जोखिम को देखते हुए डॉक्टरों ने महिला को तत्काल सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

अस्पताल के गेट पर ही हो गई डिलीवरी, 108 स्टाफ ने दिखाया दम

बताया जा रहा है कि शाम करीब 6:30 बजे एंबुलेंस जैसे ही सतना जिला अस्पताल परिसर के मुख्य द्वार पर रुकी, महिला को अंदर ले जाने से पहले ही एंबुलेंस में ही बच्चे का जन्म हो गया।

एंबुलेंस स्टाफ ने बिना एक पल गंवाए प्रसूति विभाग को अलर्ट किया। खबर मिलते ही नर्सिंग स्टाफ स्ट्रेचर लेकर तुरंत मौके पर पहुंचा। नर्सिंग ऑफिसर ने एंबुलेंस के अंदर ही मुस्तैदी से नवजात की नाल काटी और सुरक्षित तरीके से मां-बच्चे को वार्ड में शिफ्ट किया।

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जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित, परिजनों ने ली राहत की सांस

अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद डॉक्टरों की टीम ने मां और नवजात दोनों की जरूरी जांचें और ऑब्जर्वेशन किया। गनीमत यह रही कि इतने बड़े जोखिम और एंबुलेंस में हुई इमरजेंसी डिलीवरी के बावजूद दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

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