परवेज खान, शिवपुरी। स्वच्छ भारत के दावों के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र शिवपुरी से बेहद शर्मनाक तस्वीरे सामने आ रही है। नगर पालिका के सफाई कर्मचारी अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 7 दिन से हड़ताल पर हैं, जिसके कारण नगर में हर गली, सड़क चौराहे पर कचरे का ढेर लग गया है। गंदगी और बदबू से आमजन का जीना मुश्किल हो गया है। वहीं नगर पालिका से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी अब तक स्थिति को नियंत्रण नहीं कर पाए है।
शिवपुरी में सफाईकर्मी अपनी मांग पर अड़े है, तो इधर नगर पालिका सीएमओ का कहना है कि 11 में से 8 मांगे मान ली हैं, लेकिन कर्मचारी सभी 11 मांगों के पूरे समाधान पर अड़े हैं। अब ऐसे में इस लड़ाई में सबसे ज्यादा नुकसान आम जनता का हो रहा है। अगर 7 दिन में शहर का ये हाल है, तो आने वाले दिनों में गंदगी से अगर बीमारियां फैली तो जिम्मेदार कौन होगा? नगर पालिका अध्यक्ष सीएमओ या चुने हुए जनप्रतिनिधि जो स्वच्छता अभियान के दौरान हाथों में झाड़ू लेकर फ़ोटो सेशन कराते है?
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सफाईकर्मचारी मनोज ने कहा कि शिवपुरी की जनता से हाथ जोड़कर निवेदन है कि हमारा सहयोग करे। जिस दिन हमारी मांगें पूरी होगी हम 24 घंटे के अंदर शहर का पूरा कचरा साफ कर देंगे। वहीं सीएमओ यशवंत राठौर ने बताया कि 11 में से 8 मांगें मान ली गई है। लेकिन तीन मांगों के प्रस्ताव तैयार कर सामान्य प्रशासन विभाग भेजा जाएगा। इसके लिए कार्रवाई कर दी गई है। सूची चस्पा कर दी गई है। वहीं सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर कहा कि इन्हें विनियमितीकरण, नियमितीकरण और पदोन्नति तुरंत चाहिए, जो एकदम से संभव नहीं है।
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