सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। मध्य प्रदेश में सरकारी तंत्र कितना लचर हो चुका है, इसका ताजा उदाहरण सिंगरौली से सामने आया है। निवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अब डॉक्टरों नहीं बल्कि स्वीपर के भरोसे चल रहा है। दरअसल, एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें अस्पताल का स्वीपर रामलखन साकेत कथित तौर पर महिला और पुरुष मरीजों को इंजेक्शन लगाता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर ने निवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ BMO अशोक सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विभागीय स्तर पर मामले की जांच के साथ जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार संबंधित अधिकारी पर 10 दिनों की वेतन कटौती की कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।
वायरल वीडियो में स्वीपर का मरीजों को इंजेक्शन लगाने का दृश्य सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर केशव सिंह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति और कथित लापरवाही के चलते अस्पताल में स्वीपर ही मरीजों का इलाज करने जैसी गतिविधियां कर रहा है।
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सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर बिना चिकित्सकीय अनुमति या प्रशिक्षण के किसी कर्मचारी द्वारा मरीजों को इंजेक्शन लगाया जा रहा था, तो अस्पताल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था कहां थी? मरीजों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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