मुलाना क्षेत्र के गांव टंगैल की बेटी आंचल ने बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के मुख्यमंत्री नायब सैनी का सजीव स्केच बनाकर सबको हैरान कर दिया है। अंबाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं आंचल को सम्मानित किया।

अनिल शर्मा, अंबाला। मुलाना विधानसभा क्षेत्र के गांव टंगैल की बेटी आंचल आज अपने असाधारण हुनर के चलते न केवल अपने क्षेत्र में, बल्कि पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण या कला संस्थान में दाखिला लिए, आंचल ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर चित्रकारी में ऐसी महारत हासिल की है कि उनके बनाए स्केच किसी पेशेवर कलाकार की कृति लगते हैं। हाल ही में आंचल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी का एक बेहद आकर्षक और जीवंत स्केच तैयार किया, जिसे देखकर स्वयं मुख्यमंत्री भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके।

मुख्यमंत्री ने मंच पर बुलाकर दी शाबाशी

अंबाला में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान, जब मुख्यमंत्री नायब सैनी को आंचल के हुनर के बारे में पता चला, तो उन्होंने आंचल को विशेष रूप से मंच पर बुलाया। इस गौरवपूर्ण क्षण के दौरान पूर्व विधायक संतोष सारवान भी उनके साथ मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने स्केच की बारीकियों को ध्यान से देखा और आंचल की खुलकर प्रशंसा करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी तरह अपनी कला को निखारने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री से मिली इस सराहना ने न केवल आंचल के आत्मविश्वास को बढ़ाया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया है।

मेहनत और मार्गदर्शन से मिली सफलता

आंचल ने अपनी इस सफलता का श्रेय भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मोनिका कालड़ा को दिया है। उन्होंने बताया कि मोनिका कालड़ा ने ही उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें मुख्यमंत्री का स्केच बनाने के लिए प्रेरित किया था। आंचल को बचपन से ही चित्रकारी का शौक था और वह खाली समय में पेंसिल और रंगों से आकृतियां उकेरती रहती थीं। बिना किसी कोचिंग के केवल निरंतर अभ्यास से उन्होंने इस कला को सीखा है। अब आंचल का सपना स्केच आर्ट के माध्यम से देश भर में पहचान बनाना और अपने माता-पिता के साथ-साथ प्रदेश का नाम रोशन करना है।

भविष्य की योजनाएं और लक्ष्य

आंचल अब स्केच आर्ट को ही अपना भविष्य बनाना चाहती हैं। उनका मानना है कि यदि उन्हें सही अवसर और उचित मार्गदर्शन मिले, तो वह इस कला के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। गांव के लोगों और परिवार को आंचल की इस उपलब्धि पर गर्व है। मुख्यमंत्री द्वारा दी गई प्रशंसा ने यह साबित कर दिया है कि यदि सच्ची लगन हो, तो संसाधनों के अभाव में भी बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।