मुजफ्फरपुर। जिले के देवरिया थाना क्षेत्र में एक ऐसा वाकया सामने आया है, जिसने शादी वाले घर को श्मशान की शांति में बदल दिया। यहां अपनी साली की शादी में शामिल होने आए एक युवक का संदिग्ध अवस्था में शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान जैतपुर थाना क्षेत्र के बासुदेवा (वार्ड-12) निवासी 28 वर्षीय संजीत कुमार के रूप में हुई है। संजीत पेशे से कारपेंटर था और अपनी मेहनत से परिवार का भरण-पोषण कर रहा था।

​उत्सव के घर में अचानक मची चीख-पुकार

​जानकारी के अनुसार, संजीत दो दिन पहले ही अपनी पत्नी और दो नन्हे बच्चों (एक 5 वर्षीय पुत्र और 6 माह की पुत्री) के साथ अपने ससुराल चांदपुरा आया था। घर में गुरुवार को मटकोर की रस्म और शुक्रवार को साली की शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। पूरा परिवार जश्न में डूबा था, लेकिन इसी बीच संजीत की मौत की खबर ने सबको झकझोर दिया। उसका शव हाई स्कूल के पास बरामद हुआ, जिसके बाद खुशियां मातम में तब्दील हो गईं।

​ससुराल वालों पर हत्या का आरोप, ससुर को बनाया बंधक

​घटना के बाद मृतक के परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। जब संजीत के ससुर लगनदेव ठाकुर शव लेकर बासुदेवा पहुंचे, तो वहां मौजूद ग्रामीणों और परिजनों ने उन्हें बंधक बना लिया। परिजनों का सीधा आरोप है कि संजीत की हत्या ससुराल पक्ष के लोगों ने मिलकर की है। पीड़ित पत्नी और मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

​फॉरेंसिक जांच और पुलिस की कार्रवाई

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुवार सुबह देवरिया पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हत्या, दुर्घटना और आत्महत्या समेत सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।

​ ग्रामीणों ने की निष्पक्ष न्याय की मांग

​इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों का तांता लग गया। पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह, विजय यादव, जिला परिषद सदस्य बिपिन शाही और राजद नेता अबरार आलम ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। इन सभी नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।