कुमार उत्तम/मुजफ्फरपुर। शहर में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने अपनी सक्रियता को और अधिक बढ़ा दिया है। सोमवार को मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तीन वांछित अभियुक्तों की तस्वीरें सार्वजनिक कीं और उन्हें सख्त चेतावनी दी है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि ये अपराधी तय समय सीमा के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
2026 में अब तक 46 कुर्की, पुलिस का जीरो टॉलरेंस
सीनियर एसपी कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरपुर पुलिस इस वर्ष अपराध नियंत्रण को लेकर पूरी तरह गंभीर है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2026 में अब तक पुलिस ने जिले भर में कुल 46 संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई को अंजाम दिया है। इसके अतिरिक्त, कड़ी घेराबंदी के दबाव में चार कुख्यात अपराधियों ने या तो गिरफ्तारी दी है या खुद आत्मसमर्पण करने का रास्ता चुना है। यह आंकड़े इस बात के प्रमाण हैं कि पुलिस की कुर्की की चेतावनी अपराधियों में खौफ पैदा कर रही है।
अपराधियों को आखिरी चेतावनी
सीनियर एसपी कांटेश मिश्रा ने सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जिले में अपराध और अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा अपराधी या तो अपराध का रास्ता छोड़ दें और मुख्यधारा में लौट आएं अन्यथा वे सख्त कानूनी कार्रवाई और उसके गंभीर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
पुलिस की यह रणनीति मुख्य रूप से उन फरार अभियुक्तों पर केंद्रित है जो लंबी अवधि से कानून की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस का मानना है कि संपत्तियों को जब्त करने की यह प्रक्रिया न केवल अपराधियों पर दबाव बनाती है बल्कि उनके आर्थिक आधार को भी पूरी तरह खत्म कर देती है, जिससे दोबारा अपराध करने की उनकी क्षमता कम हो जाती है।
आम जनता से सहयोग की अपील
मुजफ्फरपुर पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें इन चिन्हित अपराधियों के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो वे बेझिझक पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस के इस कदम से जिले में कानून-व्यवस्था के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता एक बार फिर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। शहर में पुलिस की बढ़ती सक्रियता से अपराधियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

