​मुजफ्फरपुर। पुलिस ने सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान एक अत्याधुनिक सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने तकनीक का सहारा लेकर परीक्षा में सेंध लगाने की कोशिश की थी। पुलिस ने इस मामले में दो परीक्षार्थियों और दो सॉल्वर समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

​तकनीक का अनूठा और अवैध इस्तेमाल

​जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह परीक्षा के दौरान बेहद आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर रहा था। परीक्षा हॉल में बैठा परीक्षार्थी माइक्रोफोन के जरिए बाहर मौजूद सॉल्वरों को प्रश्न भेजता था। बाहर से सॉल्वर इयरबड के माध्यम से उत्तर बोलकर लिखवाते थे। पुलिस ने मिठनपुरा और सिकंदरपुर के परीक्षा केंद्रों से उपकरणों सहित परीक्षार्थियों को पकड़ा है।

​10 लाख का सौदा और संगठित नेटवर्क

​गिरोह ने अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने के लिए 10 लाख रुपये में सौदा किया था। इसमें 5 लाख रुपये परीक्षा से पहले और बाकी राशि सफलता के बाद देने की शर्त थी। मुख्य आरोपी संजय कुमार सिंह ने खुद को ‘सेटिंग एक्सपर्ट’ बताकर परीक्षार्थियों को अपने जाल में फंसाया था। पुलिस ने छापेमारी कर पटना के बिहटा से संजय और पवन कुमार को गिरफ्तार किया है।

​सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल

​परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा के कड़े दावों के बावजूद इयरबड और माइक्रोफोन जैसे उपकरण अंदर ले जाने पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत थी।

​पुलिस की अगली कार्रवाई

​सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि यह गिरोह भोजपुर, पटना और मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में सक्रिय हो सकता है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, आधार कार्ड और प्रवेश पत्र बरामद किए हैं। बरामद उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए छापेमारी जारी है।