मुजफ्फरपुर में सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने और वायरल करने का झांसा देकर युवतियों को बुलाने और उनके साथ ठगी, ब्लैकमेलिंग व दुष्कर्म का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर स्थित एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) सेक्टर हेडक्वार्टर में तैनात एएसआई विकास कुमार पर दिल्ली की एक और लखनऊ की दो महिला इनफ्लुएंसर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरे प्रकरण ने सुरक्षा बलों और सोशल मीडिया की आड़ में चल रहे काले कारोबार पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
फर्जी फॉलोअर्स और मीटअप का झांसा
मुख्य आरोपी एएसआई विकास कुमार फेसबुक पर ‘विकास फौजी’ नाम से दो सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करता था। वह इनफ्लुएंसर और ब्लॉगर्स के साथ सिटी पार्क में मीटअप आयोजित करता था। आरोप है कि वह सोशल मीडिया पर वायरल होने, फॉलोअर्स बढ़ाने और फेसबुक से कमाई करने के गुर सिखाने के नाम पर प्रति व्यक्ति 5 हजार रुपए वसूलता था। इसी जालसाजी के जरिए उसने दिल्ली और लखनऊ की महिलाओं को मुजफ्फरपुर बुलाया था।
दिल्ली की महिला से होटल में दुष्कर्म और वीडियो बनाने की घटना
दिल्ली की रहने वाली एक महिला इनफ्लुएंसर ने आरोप लगाया है कि आरोपी विकास कुमार ने उसे 7 दिसंबर को अपने दो साल के बेटे के साथ मुजफ्फरपुर बुलाया था। पीड़िता को स्टेशन रोड स्थित एक होटल में ठहराया गया, जहां विकास के एक साथी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और इस दौरान उसका अवांछित वीडियो बना लिया। विरोध करने पर उसके मासूम बच्चे की हत्या की धमकी दी गई, जिसके चलते डरी-सहमी पीड़िता उस समय कुछ नहीं कह सकी और अगले दिन दिल्ली लौट गई।
ब्लैकमेलिंग और पैसों की उगाही
दिल्ली लौटने के बाद आरोपी एएसआई और उसका साथी उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर लगातार पैसे मांगने लगे। पीड़िता से दबाव बनाकर 20 हजार रुपए ऐंठ लिए गए और इसके बाद भी और पैसों की मांग की जाती रही। तंग आकर पीड़िता ने पूरी घटना की जानकारी अपने पति को दी और इसके बाद एसएसबी मुख्यालय में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
लखनऊ की दो अन्य महिलाओं के आरोप और थाने में शिकायत
दिल्ली की पीड़िता के अलावा लखनऊ की दो अन्य महिला इनफ्लुएंसर ने भी इसी एएसआई पर सोशल मीडिया के माध्यम से अश्लील मैसेज भेजने और शारीरिक शोषण के प्रयास के आरोप लगाए हैं। मुजफ्फरपुर बुलाए जाने के बाद इन महिलाओं पर भी अपनी शिकायत वापस लेने का भारी दबाव बनाया जा रहा है। दिल्ली की पीड़िता ने नगर थाने में जबकि लखनऊ की दोनों पीड़िताओं ने अहियापुर थाने में लिखित और ऑनलाइन आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
SSB की आंतरिक जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने इसका स्वत: संज्ञान लिया है। एसएसबी सेक्टर हेडक्वार्टर के सेकंड इन कमांड रजनीश कुमार मोरल के अनुसार, घटना की उच्च स्तरीय जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जो साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। वहीं, स्थानीय पुलिस भी प्राप्त आवेदनों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटी हुई है।



