करनाल। जिले से दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक 20 वर्षीय पॉलीटेक्निक छात्र ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। इलाज के दौरान छात्र की मौत हो गई, जिसके बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। बताया जा रहा है कि युवक पिछले करीब पांच वर्षों से शुगर की गंभीर बीमारी से पीड़ित था और लगातार इंसुलिन के इंजेक्शन व बिगड़ती सेहत के कारण मानसिक तनाव में रहने लगा था।
मृतक की पहचान करनाल जिले के निगदू निवासी तनुज पाल के रूप में हुई है, जो नीलोखेड़ी पॉलीटेक्निक में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 12 बजे तनुज घर पर था। कुछ देर बाद वह घर से बाहर बाड़े में गया और वहां गेहूं में रखने वाली जहरीली दवा निगल ली। करीब दो घंटे बाद जब वह वापस घर लौटा तो पानी पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे लगातार उल्टियां होने लगीं।
परिजन तुरंत उसे निगदू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे करनाल के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार के मुताबिक तनुज की शुगर लगातार बढ़ रही थी और कई अस्पतालों में उसका इलाज चल रहा था। बार-बार इंसुलिन के इंजेक्शन लगने और बीमारी से परेशान होकर वह मानसिक रूप से टूट चुका था।
फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. नरेश सैनी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम जांच में युवक की मौत जहरीला पदार्थ निगलने के 12 से 24 घंटे के भीतर होना सामने आया है। थाना निगदू के जांच अधिकारी एसआई पवन कुमार ने बताया कि परिजनों ने किसी पर कोई शक नहीं जताया है।
पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई करते हुए पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। यह घटना गंभीर बीमारियों से जूझ रहे युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक सहयोग की जरूरत को फिर सामने लाती है।

