TATA Sons Chairman N Chandrasekaran: इस वक्त की बड़ी खबर टाटा ग्रुप से आई है। एन चंद्रशेखरन टाटा संस के चेयरमैन बने रहेंगे। बॉम्बे हाउस में हुई टाटा ग्रुप की अहम बैठक में बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन के 5 साल एक्सटेंशन को मंजूरी दे दी। हालांकि बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया। इसी के साथ ही टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल 2032 तक बढ़ा दिया गया है। चंद्रशेखरन 2017 से टाटा संस की कमान संभाल रहे हैं।
पिछले महीने एन चंद्रशेखरन ने अपना इस्तीफा टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा से मतभेद के बाद दिया था। नोएल टाटा एन चंद्रशेखरन के के कार्यकाल के विस्तार के खिलाफ थे। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
एन. चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने के फैसले को अभी सालाना आम बैठक में मंजूरी मिलनी है, जिसमें टाटा ट्रस्ट की 66% हिस्सेदारी है। ट्रस्ट के बोर्ड सदस्य नोएल टाटा फैसले के खिलाफ हैं, जबकि वेनु श्रीनिवासन ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति का समर्थन किया है। चंद्रशेखरन को 2022 में दूसरी बार पांच साल के लिए टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। वह रतन टाटा के बाद 2017 में इस पद पर आए थे। अब तीसरे कार्यकाल के साथ उनका टाटा ग्रुप का नेतृत्व जारी रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा संस के बोर्ड ने कंपनी को लिस्ट करने के मुद्दे पर भी विचार किया, लेकिन इस पर कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ। हालांकि, होल्डिंग कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी रखने वाले कई टाटा ट्रस्ट, चेयरमैन के तौर पर चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को चुनौती दे सकते हैं।

बैठक के बाद टाटा संस ने बयान जारी किया
बोर्ड की बैठक के बाद टाटा संस ने बयान जारी करते हुए कहा कि 17 सितंबर, 2026 को बोर्ड की मीटिंग में, टाटा संस के चेयरमैन, एन. चंद्रशेखरन (चंद्रा) ने अपने फैसले पर दोबारा सोचने के लिए बोर्ड की रिक्वेस्ट मान ली। इसके बाद बोर्ड ने बहुमत से उनके मौजूदा कार्यकाल के खत्म होने पर उन्हें पांच साल के और समय के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर फिर से नियुक्त करने का फैसला किया।बोर्ड ने लागू RBI गाइडलाइंस का पालन करने के लिए कदम उठाने का भी फैसला किया और लागू कंप्लायंस ज़रूरतों पर RBI, टाटा ट्रस्ट्स और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से गाइडेंस मांगेगा।
ग्रुप में पहली बार रिटायरमेंट की उम्र के बाद भी कार्यकाल बढ़ा
टाटा ग्रुप में पहली बार कोई ग्रुप एग्जीक्यूटिव 65 साल की तय रिटायरमेंट उम्र के बाद भी पद पर बना रहेगा। टाटा ग्रुप की पॉलिसी के मुताबिक एग्जीक्यूटिव आमतौर पर 65 साल की उम्र में रिटायर होते हैं। हालांकि, नॉन-एग्जीक्यूटिव पद पर वे 70 साल तक रह सकते हैं। चंद्रशेखरन अभी 63 साल के हैं। उनका नया कार्यकाल 2032 में खत्म होगा, तब वे 70 साल के होंगे। चंद्रशेखरन अक्टूबर 2016 में पहली बार टाटा संस के बोर्ड में शामिल हुए थे। जनवरी 2017 में उन्हें चेयरमैन बनाया गया।
RBI ने टाटा संस की याचिका की थी खारिज
बता दें कि सितंबर 2022 में, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने टाटा संस को ‘अपर-लेयर नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी’ के तौर पर वर्गीकृत किया, जिसके तहत उसे तीन साल के भीतर लिस्ट होना जरूरी था।भारतीय रिजर्व बैंक ने सितंबर 2022 में टाटा संस को ‘अपर लेयर’ NBFC के रूप में सूचीबद्ध किया था। इसके तहत कंपनी को तय समय सीमा में शेयर बाजार में लिस्ट होना था। टाटा संस ने इस नियम से बाहर निकलने के लिए RBI से अपना NBFC रजिस्ट्रेशन वापस लेने का आवेदन किया था। लेकिन 11 सितंबर को RBI ने यह आवेदन खारिज कर दिया। इससे टाटा संस के संभावित IPO और लिस्टिंग का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।सूत्रों के अनुसार, बोर्ड के कुछ सदस्यों का मानना है कि अगर टाटा संस का IPO आ ता है, तो कंपनी के नेतृत्व में बदलाव न होना निवेशकों के लिए भरोसे का संकेत हो सकता है। टाटा संस की लिस्टिंग होने पर यह भारत के बड़े IPO में से एक हो सकता है।
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