US Threatens India: रूसी तेल खरीदने पर अमेरिका ने भारत को धमकी दी है। अमेरिकी संसद में  सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट बिल-2026 (Sanctioning Russia and Iran Act Bill-2026) पास होने के बाद अमेरिकी सांसदों ने धमकी भरे लहजे में भारत से कहा कि- रवैया सुधारो, कहीं और से तेल खरीदो। अमेरिकी संसद से भारत पर 100% टैरिफ (100% tariff on India) लगाने वाला बिल पास होने के बाद अमेरिकी सांसद रिचर्ड ब्लूमेंथल (Richard Blumenthal) और डेमोक्रेट सीनेटर जीन शहीन (Jeanne Shaheen) ने भारत और चीन से रूस से तेल और गैस खरीद बंद करने को कहा।

अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने बुधवार को भारत और चीन को रूस से तेल और गैस खरीदना बंद करने की चेतावनी दी। ब्लूमेंथल ने भारत और चीन को संबोधित करते हुए कहा, “आपको अपना रवैया सुधारना होगा। अपना तेल और गैस कहीं और से खरीदिए। खुश करने की नीति कोई रणनीति नहीं है।

डेमोक्रेट सीनेटर जीन शहीन ने भी रूस से एनर्जी खरीदने वाले देशों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि रूस शैडो फ्लीट के जरिए तेल और गैस बेच रहा है और यह खरीद चीन और भारत जैसे देशों को हो रही है। शहीन ने कहा कि चीन रूस के तेल और गैस का सबसे बड़ा खरीदार है और अमेरिका को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ-साथ रूस से तेल खरीदने वाले देशों को भी कड़ा संदेश देना चाहिए।

क्या है लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026

बता दें कि भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाला बिल अमेरिकी संसद से पास हो गया है। बुधवार देर रात अमेरिकी हाउस में सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट बिल-2026 पास हो गया। बिल के पक्ष में 262 और विरोध में 159 वोट पड़े। यह बिल रूसी तेल (Russian oil)-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक आयात शुल्क लगाने का अधिकार देता है। बिल को आधिकारिक तौर पर लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 (Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026) नाम दिया गया है। 

अमेरिकी हाउस के दोनों सदन से पास होने के बाद अब इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास साइन करने के लिए भेजा जाएगा। बिल ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले पांच सबसे बड़े देशों पर उनकी खरीद से जुड़ी तय शर्तों के तहत 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। भारत और चीन के अलावा अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया जैसे देश भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। इस कानून का मकसद रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई को कम करना है।

भारत पर एक और ट्रेड शॉक का खतरा

अमेरिका का मानना ​​है कि रूस का कच्चा तेल व्यापार यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए फंड कर रहा है। यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का अधिकार देने का भी प्रयास करता है। इस बिल ने भारत-अमेरिका व्यापार और ऊर्जा संबंधों में अनिश्चितता की एक और परत जोड़ दी है। यूक्रेन जंग के बाद वैश्विक ऊर्जा व्यापार में बदलाव के बीच भारत रूसी कच्चे तेल का एक बड़ा खरीदार बना हुआ है। अब नए कानून में एक ऐसा सिस्टम बनाया गया है जिससे रूस से लगातार ऊर्जा खरीदने वाले देशों से जुड़ी अमेरिकी आयात पर भारी टैरिफ लग सकता है। इसलिए यह कानून खुद भारत पर कोई नया टैरिफ नहीं लगाता बल्कि ट्रंप को भविष्य में ऐसा करने के लिए एक और कानूनी अधिकार देता है।

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