कुंदन कुमार, पटना। भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। पार्टी नेतृत्व ने वरिष्ठ नेता नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को राष्ट्रीय संगठक की जिम्मेदारी सौंपी है। नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को राष्ट्रीय संगठक नियुक्त किए जाने के संबंध में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पत्र जारी किया है।

बिहार और झारखंड के थे क्षेत्रीय संगठन महामंत्री

नई जिम्मेदारी के तहत नागेंद्र नाथ त्रिपाठी का कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से दिल्ली रहेगा। इससे पहले वे बिहार और झारखंड में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के रूप में संगठनात्मक कार्यों का संचालन कर रहे थे। बता दें कि भाजपा ने हालही में चार राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी दिए जाने को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अनुभवी संगठनकर्ताओं में होती है गिनती

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि से आने वाले नागेंद्र नाथ त्रिपाठी भाजपा के अनुभवी संगठनकर्ताओं में गिने जाते हैं। वे लंबे समय से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का काम करते रहे हैं। हाल तक वे बिहार और झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे। इस दौरान उन्होंने दोनों राज्यों में पार्टी के विस्तार और कार्यकर्ताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इससे पहले त्रिपाठी करीब आठ वर्षों तक उत्तर प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री भी रह चुके हैं। देश के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक राज्य में उनके संगठनात्मक अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए पार्टी ने उन्हें अब राष्ट्रीय स्तर की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

किसान परिवार से निकलकर संघ के प्रचारक बने

नागेंद्र नाथ त्रिपाठी का जन्म उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के बेलौली गांव में एक किसान परिवार में हुआ। वे अपने भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके पिता का नाम गिरिजा पति त्रिपाठी और माता का नाम गणेशा देवी है।

स्कूली शिक्षा के दौरान ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। इसके बाद उन्होंने संघ में लंबे समय तक प्रचारक के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को संगठन से जोड़ने और सामाजिक-वैचारिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

विद्यार्थी परिषद से भाजपा तक का सफर

संघ में काम करने के बाद उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। संगठन में उनकी कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए वर्ष 2003 में उन्हें उत्तर प्रदेश भाजपा का संगठन महामंत्री बनाया गया।

इस पद पर रहते हुए उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और चुनावी रणनीति को प्रभावी बनाने पर काम किया। उत्तर प्रदेश में सफल कार्यकाल के बाद वर्ष 2011 में पार्टी ने उन्हें बिहार भाजपा के संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी, जहां उन्होंने संगठन को विस्तार देने में अहम भूमिका निभाई।

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