वीरेंद्र कुमार/नालंदा। जिले से महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। चंडी थाना क्षेत्र में एक विधवा महिला को प्रलोभन देकर सुनसान इलाके में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनाया गया। हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के महज छह घंटे के भीतर सभी तीन आरोपियों को धर दबोचा।

​प्रलोभन का जाल और खौफनाक वारदात

​प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता नगरनौसा थाना क्षेत्र की निवासी है। घटना की शुरुआत तब हुई जब मुख्य आरोपी ने पीड़िता को फोन किया और उसे मोबाइल रिचार्ज करवाने तथा दवा दिलाने का झूठा प्रलोभन दिया। विश्वास में आकर महिला चंडी थाना क्षेत्र के रामपुर हाल्ट के पास पहुंची। वहां से उसे जबरन एक सुनसान मक्का के खेत में ले जाया गया। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद दो अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर दरिंदों ने महिला के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िता का मोबाइल छीनकर मौके से फरार हो गए।

​डायल-112 की त्वरित कार्रवाई और पुलिस की सक्रियता

​घटनास्थल पर किसी तरह खुद को संभालते हुए पीड़िता ने शोर मचाकर मदद मांगी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम ने त्वरित तत्परता दिखाई और महिला को सुरक्षित रेस्क्यू कर चंडी थाने पहुंचाया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तुरंत एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय सूत्रों की मदद से अभियान चलाते हुए घटना के छह घंटे के अंदर ही तीनों आरोपियों विकास गोप, नीतीश कुमार और शैलेश को गिरफ्तार कर लिया।

​आदतन अपराधी हैं आरोपी

​चंडी थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने आगे कहा कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से कुछ का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। वे न केवल इस घिनौनी घटना में शामिल थे बल्कि समाज में भय पैदा करने की फिराक में भी थे। फिलहाल पुलिस ने तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की वैज्ञानिक जांच की जा रही है ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
​इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा और उनके खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर समाज में बहस छेड़ दी है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के प्रलोभन में न आएं और सतर्क रहें।