वीरेंद्र कुमार/ नालंदा। ​बिहारशरीफ के हरदेव भवन में आयोजित जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक शुक्रवार को काफी अहम रही। बैठक की अध्यक्षता करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सह नालंदा के प्रभारी मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जिले के विकास कार्यों, विशेषकर स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने नालंदा की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए इसे राज्य के लिए एक मॉडल के रूप में पेश किया।

​स्वास्थ्य सेवाओं में नालंदा ने रचा इतिहास

​उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में जिले के शानदार प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया। आंकड़ों के अनुसार, संस्थागत प्रसव के मामले में नालंदा 82 प्रतिशत की उपलब्धि के साथ पूरे बिहार में शीर्ष स्थान पर काबिज है। इस सफलता के लिए उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई दी।

​अस्पतालों में पारदर्शिता के लिए नई व्यवस्था

​स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के प्रवेश द्वार पर बड़े डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्डों पर डॉक्टरों की ड्यूटी रोस्टर और समय-सारणी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होगी। उपमुख्यमंत्री ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई डॉक्टर बिना उचित अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

​कृषि क्षेत्र और किसानों को लेकर प्रतिबद्धता

​बैठक में आगामी मानसून और कृषि तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। विजय कुमार चौधरी ने कहा कि हालिया प्री-मानसून बारिश किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी, जिससे धान का बिचड़ा तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि समय पर बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। उम्मीद जताई गई कि इस वर्ष अच्छी बारिश से किसानों को बंपर उत्पादन प्राप्त होगा।

​समस्याओं का त्वरित समाधान और जन-भागीदारी

​प्रेस वार्ता के दौरान पावापुरी अस्पताल में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठा। उपमुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत समीक्षा कर सुधार का निर्देश दिया। इसके साथ ही, जन प्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई खराब चापाकल, अनियंत्रित बिजली आपूर्ति और जर्जर पुल-पुलियों की समस्याओं पर भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान करने का आदेश दिया।
​बैठक के बाद नवगठित जिला नागरिक परिषद के सदस्यों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने नागरिकों से सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकास के इस सफर में जन-भागीदारी आवश्यक है और परिषद को गांव-गांव जाकर जनजागरूकता अभियान चलाना चाहिए। कुल मिलाकर, नालंदा प्रशासन की यह उपलब्धि जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।